Crime News : 20 वर्षीय युवती के साथ सात आरोपियों ने किया दुष्कर्म, मौसेरे भाई को कुएं में फेंका, कोर्ट ने सुनाई 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा

Crime News : Betul : मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में 20 वर्षीय युवती के साथ सात आरोपियों ने सामूहिक दुष्कर्म करने के साथ उसके मौसेरे भाई को कुएं में फेंक दिया था। इस मामले में बैतूल के अपर सत्र न्यायालय ने चार आरोपियों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास, जुर्माना और अन्य  विभिन्न धाराओं में भी दंडित करने का फैसला सुनाया है।

20 वर्षीय युवती को जंगल में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म का शिकार बनाने एवं युवती के साथी को जान से मारने की नियत से कुंए में फेंकने वाले आरोपी शुभम पिता भंगीलाल, उम्र-27 वर्ष, निवासी-ग्राम कुप्पा, पाढ़र, पवन पिता भंगीलाल, उम्र-27 वर्ष, निवासी-ग्राम कुप्पा, पाढ़र एवं संदीप पिता जगदीष, उम्र-24 वर्ष, निवासी-ग्राम कुप्पा, पाढ़र, जिला-बैतूल को धारा 376(डी) भादवि के अपराध का दोषी पाते हुए 20-20 वर्ष के कठोर कारावास एवं 2,000रू. जुर्माने से, धारा 307 भादवि के अपराध का दोषी पाते हुए 07 वर्ष के कठोर कारावास एवं 1,000-1,000 रू. के जुर्माने से दण्डित किया। इसी प्रकरण में आरोपी लोकेष पिता शोभाराम, उम्र-25 वर्ष निवासी- नेमावर, जिला-देवास को धारा 376 (डी) भादवि के अपराध का दोषी पाते हुए 20-20 वर्ष के कठोर कारावास एवं 2,000रू. जुर्माने से दण्डित किया। प्रकरण में आरोपीगण को अन्य धाराओं में भी दोषी पाते हुए दण्डित किया गया।

जिला अभियोजन अधिकारी एस.पी.वर्मा एवं वरिष्ठ सहायक जिला अभियोजन अधिकारी अमित कुमार राय द्वारा पैरवी की गई एवं एडीपीओ सौरभ सिंह ठाकुर द्वारा पैरवी में सहयोग प्रदान किया गया। अभियोजन पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार 29/04/2020 को पीड़िता उसके मौसेरे भाई के साथ रात्रि आठ बजे मोटरसायकल में पेट्रोल भरवाने गई थी। पेट्रोल भरवाकर वापस जाते समय शिव मंदिर के पास उनकी मोटरसायकल बंद हो गई थी। गाड़ी में क्या हुआ, देखने के लिए पीड़िता एवं उसका मौसेरा भाई मोटरसायकल से नीचे उतरे। इसी दौरान दो मोटरसायकल से आरोपी लोकेश, संदीप, पवन, शुभम एवं अन्य तीन अपचारी बालक उनकी मोटरसायकल के पास आये। दोनों को मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां देकर बोले कि इतनी रात में कहां घूम रहे हो। इसके बाद तीन आरोपी अक्षय उर्फ मंगल को पकड़कर दूर ले गये और जान से मारने की नियत से अक्षय उर्फ मंगल को कुंए में फेंक दिया। कुछ देर बाद तीन आरोपी वापस लौटे और तीनों पीड़िता को जंगल तरफ लेकर गये। तीनों आरोपीयों ने पीड़िता को स्टॉप डेम अचार के पेड़ के पास ले जाकर दुष्कर्म का शिकार बनाया।

एक आरोपी ने फोन लगाकर बाकी चार आरोपियों को भी वहां पर बुला लिया। एक आरोपी खड़ा रहा, बाकी छः आरोपियों ने पीड़िता के साथ बारी-बारी से लगभग तीन घंटे तक दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी लोकेश अपनी मोटरसायकल से पीड़िता को बैठाकर ले जा रहा था तभी जोड़ पर रास्ते में पीड़िता के बड़े पापा का लड़का और पीड़िता का मौसेरा भाई आ गये तो उन्होने लोकेश को पकड़ लिया। आरोपी के जेब से उसका आधार कार्ड एवं मोबाईल निकला। आरोपी ने उसके साथी छह लड़कों के नाम पूछने पर उनका नाम शुभम, संदीप, पवन एवं अन्य अपचारी बालकों के नाम बताए। आरोपी लोकेश के मोबाईल की गैलेरी खोलकर देखने पर उसमें सभी आरोपी की फोटो दिखाई। इसके बाद आरोपी लोकेश मौके का फायदा उठाकर भाग गया।

पीड़िता के मौसेर भाई ने पीड़िता को बताया कि तीन आरोपियों ने उसे पकड़कर उसके साथ मारपीट कर उसे जान से मारने की नियत से छिंदी ईमली के पास कुंए में फेक दिया था, जहां से वह जैसे तैसे तैरकर अपनी जान बचाकर, सीढी़ से चढ़कर बाहर आ गया। कुंए में गिरने के कारण उसे कमर, घुटना एवं पीठ में चोटे आयी है। पीड़िता की मौखिक शिकायत के आधार पर पुलिस थाना कोतवाली में आरोपीगण के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई। विवेचना के दौरान पीड़िता एवं उसके मौसरे भाई का मेडिकल परीक्षण कराया गया था। आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस थाना कोतवाली द्वारा आवश्यक अनुसंधान पूर्ण कर विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय बैतूल म.प्र. के समक्ष विचारण हेतु प्रस्तुत किया गया। विचारण में अभियोजन ने अपना मामला युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित किया, जिसके आधार पर न्यायालय द्वारा आरोपियों को दोषसिद्ध पाकर दंडित किया गया। प्रकरण को चिन्हित जघन्य एवं सनसनीखेज प्रकरणों की सूचीं में शामिल किया गया था, प्रकरण की मॉनिटरिंग समय-समय पर जिला दण्डाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा की गई।

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