4 cows freed in joint action of Rashtriya Hindu Army and police, smugglers absconding: ऑल्टो कार से हो रही थी तस्करी, राष्ट्रीय हिन्दू सेना और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 4 गोवंश मुक्त, तस्कर फरार

बैतूल, 16 जुलाई। राष्ट्रीय हिन्दू सेना और कोतवाली पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से गौ तस्करों की बड़ी साजिश नाकाम हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस और संगठन के सदस्यों ने मिलकर 4 नग गोवंश और एक अल्टो कार को जब्त किया। हालांकि, तस्कर भागने में सफल रहे।

राष्ट्रीय हिन्दू सेना के प्रांत मीडिया प्रमुख सुरज खाड़िया ने बताया कि संगठन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक मालवीय को सूचना मिली थी कि बैतूल के कुछ गौ तस्कर बिना नंबर की अल्टो कार में कत्ल खाने ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही, संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ने विभाग अध्यक्ष दीपक कोसे, तहसील गौरक्षा प्रमुख सोफ्निल पवार, और पुलिस अधीक्षक निश्चल झारिया को सूचित किया। तत्पश्चात, कोतवाली टीआई देवकरण डेहरिया के नेतृत्व में पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।

— जंगल की ओर भाग रहे थे तस्कर– 

जिला अध्यक्ष अनुज राठौर ने बताया कि पुलिस और संगठन के सदस्यों ने फोरलेन के सोनाघाटी, झाडेगाव जाने वाले रास्ते पर अंडर ब्रिज के नीचे गौ तस्करों को पकड़ने का प्रयास किया। तस्करों ने गाड़ी को जंगल की ओर मोड़ लिया और भागने की कोशिश की। अल्टो गाड़ी का पीछा करते हुए, पुलिस और संगठन के पदाधिकारियों ने गाड़ी के टायर के निशान को देखा और आमडोल के घने जंगल में पहुंचकर गाड़ी को झाड़ियों में छुपा पाया। प्रदेश संयोजक पवन मालवीय ने बताया कि गाड़ी में 4 नग गोवंश को रस्सियों से बांधकर रखा गया था। गाड़ी की तलाशी लेने पर पता चला कि इसमें कई दिनों से गौ तस्करी की जा रही थी। अल्टो गाड़ी में आगे और पीछे नंबर प्लेट नहीं थी और अंदर की पिछली सीटें भी नहीं थीं। गाड़ी के काच पर काली फिल्म और टिन लगी हुई थी, और गाड़ी में पुराना गौबर भी मिला। पुलिस ने गोवंश और तस्करी के उपकरणों को जब्त कर लिया।

— जब्त गोवंश को भेजा गौशाला– 

विभाग अध्यक्ष दीपक कोसे ने बताया कि पुलिस की मौजूदगी में गोवंश को झाडेगाव स्थित त्रिवेणी गौ शाला में सुरक्षित रखा गया। पुलिस ने गौ तस्करी में शामिल गाड़ी को बैतूल कोतवाली थाने में लाकर तस्करों के विरुद्ध अपराध धारा 5, 6, 9 गौवश अधिनियम 2004,- 4,6,9,11 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इस कार्रवाई में पुलिस विभाग से कोतवाली प्रभारी देवकरण डेहरिया, एसआई दिनेश कुमरे, एएसआई जगदीश रैयकवार, एएसआई सुनील चौहान, आरक्षक हर्षित डांगे और आरक्षक राजकुमार शामिल थे। राष्ट्रीय हिन्दू सेना की ओर से स्वप्निल पवार, अरविंद मासोदकर, अमित यादव, और सौमेश सोनी ने सक्रिय भूमिका निभाई।

— सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से रुकेगी गौ तस्करी– 

यहां उल्लेखनीय है कि गौवंश तस्करी को रोकने का यह पहला मामला नहीं है। संगठन लगातार तस्करी पर विराम लगाने के लिए पूरी शिद्दत से जुटा हुआ है। राष्ट्रीय हिन्दू सेना ने एक बार फिर अपने समर्पण और कर्तव्यपरायणता का परिचय दिया है।

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक मालवीय की सतर्कता और त्वरित सूचना के कारण गौ तस्करी की साजिश को नाकाम करने की लगातार कोशिश की जा रही है। काफी हद तक तस्करी पर रोक में सफलता भी मिल रही है। मालवीय के नेतृत्व में विभाग अध्यक्ष दीपक कोसे, तहसील गौरक्षा प्रमुख स्वप्निल पवार, और प्रदेश संयोजक पवन मालवीय ने अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन भी किया जा रहा है।

संगठन के जिला अध्यक्ष अनुज राठौर और नगर महामंत्री बिट्टू गोयल ने भी इस मुहिम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन सभी पदाधिकारियों की तत्परता और निष्ठा के कारण गौ तस्करी पर बड़ा प्रहार किया जा रहा है। राष्ट्रीय हिन्दू सेना की इस सराहनीय कार्रवाई से स्पष्ट होता है कि संगठन अपने उद्देश्य के प्रति कितना गंभीर और प्रतिबद्ध है। उनकी इस साहसिक और प्रेरणादायक पहल की जितनी तारीफ की जाए, कम है।

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