Betul news: किशोरी ने खुदमुख्तारी की राह चुनी: माता-पिता की रोक-टोक से नाराज होकर भागी, 6 महीने बाद पुलिस ने भोपाल से बरामद किया

बैतूल। जिले की एक किशोरी,माता-पिता की रोक-टोक और काम करने की जिद से नाराज होकर घर से भाग गई थी, पुलिस ने 6 महीने बाद भोपाल से बरामद किया। नाबालिग अपनी सहेली के साथ रहकर प्राइवेट जॉब कर रही थी। आमला थाना इलाके की यह किशोरी, 12वीं कक्षा की छात्रा थी, जनवरी माह में अचानक अपने घर से लापता हो गई थी। उसके मजदूर माता-पिता उसे पढ़ाई के साथ-साथ मजदूरी पर भी भेजते थे, जिससे नाराज होकर वह घर से भाग निकली। परिजनों ने उसे ढूंढने की बहुत कोशिश की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद आमला थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज करवाई गई। पुलिस ने इस मामले को अपहरण की धाराओं में दर्ज कर जांच शुरू की।
टीआई सत्यप्रकाश सक्सेना ने इस केस की जिम्मेदारी एएसआई रामेश्वर राजपूत को सौंपी। कई महीनों की खोजबीन के बाद, बैतूल में रहने वाली उसकी एक सहेली से पता चला कि किशोरी भोपाल में है। इसके बाद पुलिस टीम ने बताए गए पते पर पहुंचकर किशोरी को बरामद कर लिया। एएसआई रामेश्वर राजपूत के अनुसार नाबालिग भोपाल में अपनी एक सहेली के घर रह रही थी और अपना खर्च चलाने के लिए प्राइवेट जॉब कर रही थी। उसे वापस लाकर परिजनों को सौंप दिया गया है।
इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बच्चों के साथ उनके माता-पिता का व्यवहार कैसा होना चाहिए। पढ़ाई और करियर की चाहत रखने वाले बच्चों को समर्थन और प्रोत्साहन देने की बजाय, उन्हें मजदूरी पर भेजना और दबाव बनाना उचित नहीं है।




