Forests will become green due to tireless efforts of women: महिलाओं के अथक प्रयास से हरे-भरे होंगे जंगल
प्रकृति की गोद में हरियाली लाने का प्रयास: आठ वर्षों से जारी है पर्यावरण संरक्षण की पहल

बैतूल। श्री विश्वकर्मा महापंचायत संगठन महिला संगठन और राष्ट्रीय युवा हिंदू वाहिनी महिला संगठन ने एक बार फिर अपने अनूठे प्रयास से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इन संगठनों ने लगातार आठ वर्षों से जंगलों, हाईवे रोड और नदियों के आसपास के क्षेत्रों में सीड बॉल फेंकने का अभियान जारी रखा है। इस वर्ष भी बारिश के मौसम के आगमन के साथ यह अभियान पूरे जोर-शोर से चलाया गया।
सीड बॉल बनाने की प्रक्रिया में आम, जामुन, कटहल जैसे बीजों को मिट्टी और खाद के मिश्रण में भरकर बॉल का रूप दिया जाता है। इन सीड बॉल्स को उन निचले सतहों पर फेंका जाता है जहां पौधारोपण करना मुश्किल होता है। बारिश के साथ ये बीज अंकुरित होते हैं और पौधों का रूप लेते हैं, जो अंततः बड़े पेड़ों में बदल जाते हैं। इससे जंगलों में हरियाली बढ़ती है और पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।
इस अभियान में शामिल प्रमुख महिलाओं में संगठन की प्रदेश अध्यक्ष कविता मालवी, सरिता पवार, लता सोनी, इंदु डढोरे, पिंकी नामदेव, अलका मालवी, रानू मालवी, ममता मालवी और सृष्टि पवार का नाम शामिल है। इन महिलाओं ने कोसमी के हाईवे पर जाकर सीड बॉल्स फेंकी और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अपना योगदान दिया। इस अवसर पर पौधा रोपण भी किया गया। प्रदेश अध्यक्ष कविता मालवी ने बताया, हम हर साल बारिश के मौसम में यह सीड बॉल अभियान चलाते हैं। इससे उन क्षेत्रों में पौधों का विकास होता है जहां सीधे पौधारोपण करना संभव नहीं होता। हमारा उद्देश्य है कि पर्यावरण में अधिक से अधिक हरियाली लाई जाए और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखा जाए। श्री विश्वकर्मा महापंचायत और राष्ट्रीय युवा हिंदू वाहिनी महिला संगठन की योजना है कि इस अभियान को और व्यापक बनाया जाए। वे अन्य संगठनों और समुदायों को भी इस प्रयास में शामिल करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं ताकि पर्यावरण संरक्षण के इस अनूठे प्रयास को और भी मजबूती मिले।इस अभियान से एक बार फिर साबित हुआ है कि महिलाओं की शक्ति और संकल्प के साथ किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है।




