symbol of courage and bravery: साहस और शौर्य की प्रतीक थीं महारानी दुर्गावती: देवांश

पेसा मोबिलाइज़र ने किया माल्यार्पण, वीरांगना की वीरता को किया याद

आठनेर। आठनेर ब्लॉक के पेसा मोबिलाइज़र ने सोमवार 24 जून को महारानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर ब्लॉक समन्वयक अधिकारी शिवशंकर देवांश, ब्लॉक अध्यक्ष धर्मेंद्र इवने, उपाध्यक्ष सूरज वागद्रे, सचिव संतराम धुर्वे, और मीडिया प्रभारी राजेश आहाके समेत कई अन्य लोग उपस्थित थे।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने महारानी दुर्गावती की वीरता और बलिदान को याद किया और उनके प्रति सम्मान प्रकट किया। पेसा मोबिलाइज़र और अन्य स्थानीय लोगों ने महारानी दुर्गावती की प्रतिमा पर फूल माला अर्पित की और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर ब्लॉक समन्वयक अधिकारी श्री शिवशंकर देवांश ने कहा कि महारानी दुर्गावती का जीवन हमें सिखाता है कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में भी हमें हिम्मत और धैर्य नहीं छोड़ना चाहिए। महारानी दुर्गावती का जन्म 5 अक्टूबर 1524 को बांदा जिले के कालिंजर किले में हुआ था। दुर्गाष्टमी के दिन जन्म लेने के कारण उनका नाम दुर्गावती रखा गया। उनका जीवन साहस, शौर्य और सुंदरता का प्रतीक था। वे गोंडवाना राज्य की शासक थीं और अपने राज्य की रक्षा के लिए कई युद्ध लड़े। उनकी वीरता के किस्से आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं। ब्लॉक अध्यक्ष धर्मेंद्र इवने और उपाध्यक्ष सूरज वागद्रे ने भी महारानी दुर्गावती की वीरता और बलिदान की सराहना की और उन्हें नमन किया।कार्यक्रम में जयवंती, कुमरे, वर्षा सिरश्याम, सविता बारस्कर, पूर्णिमा कनाठे, देविका वंजारे, पूजा इवने, सीमा इवने, सोनम धुर्वे, वंदना चढ़ोकार, पूनम भुसुमकर, दीक्षा नरवरे, सुनंदा नर्रे, वैशाली सोलंकी, छाया इवने, और सरोजबाला देशमुख शामिल थे। सभी ने मिलकर महारानी दुर्गावती को श्रद्धांजलि दी और उनके बलिदान को याद किया। इस मौके पर उनकी वीरता की कहानियाँ सुनाई गईं और उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button