Former News: मूंग की खेती करने वाले किसानों को  मिल रहा बंपर उत्पादन, जानिए आखिर क्या रही वजह

बैतूल जिले में पांच क्विंटल प्रति एकड़ पैदावार का लगाया अनुमान

Former News: मूंग की खेती: मध्यप्रदेश में मूंग की खेती करने वाले किसानों को भरपूर पैदावार मिल रही है। इससे किसान भी बेहद खुश नजर आ रहे हैं। जिन किसानों ने मूंग की कटाई कर थ्रेसिंग कर ली है, उनकी मानें तो इस बार छह से सात क्विंटल तक का उत्पादन प्राप्त हो रहा है। इसके पीछे क्या कारण है यह हम आपको बताते हैं।

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दरअसल लगातार मावठा बरसने की वजह से मूंग की फसल में पानी की कमी नहीं हो पाई। तापमान भी अप्रैल माह में खासा बढ़ गया था जो मूंग के लिए बेस्ट माना जाता है। इसके अलावा जिले के किसानों द्वारा उच्च गुणवत्ता का बीज और नई किस्मों की बुवाई की है। इसका समय समय पर प्रबंधन भी भरपूर पैदावार मिलने का प्रमुख कारण है।
बैतूल जिले के कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने बताया कि बैतूल जिले में मूंग की बहुत अच्छी पैदावार होने का अनुमान है और किसानों को चाहिए कि वे केन्द्र सरकार की समर्थन मूल्य योजना के तहत समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचकर योजना का लाभ लें। कृषि को प्रोत्साहित करने और किसानों को किसी प्रकार के नुकसान से बचाने के लिए मूंग के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन हेतु ऑनलाईन पंजीयन 5 जून तक कराया जा सकेगा। जिले के किसान सहकारी समितियों, एम.पी. ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केन्द्र एवं साइबर कैफे के माध्यम से पंजीयन करा सकते हैं।
उपसंचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास ने बताया कि इस वर्ष ग्रीष्म काल में कृषकों को मूंग की खेती के लिए लगातार प्रेरित किया गया है तथा विभाग से भी किसानों के खेतों में मूंग की नई किस्म शिखा के प्रदर्शन डलवाये गये। यह किस्म विशेष रोग से पीला मोजेक रोग के प्रति सहनशील होने से कृषकों को इस बार 5 क्विंटल प्रति एकड़ मूंग की उपज होने का अनुमान है।
उल्लेखनीय है कि जिले में गत वर्ष 2022-23 में 5100 हेक्टेयर में मूंग फसल की खेती गर्मी में हुई थी। परंतु इस वर्ष ग्रीष्म काल में कृषकों द्वारा 11 हजार 200 हेक्टेयर में मूंग की खेती की गई है। पंजीयन से उपार्जन कर कृषक एक एकड़ की उपज 5 क्विंटल से अनुमानित आधार पर मूंग खेती दर लगभग 16000 प्रति एकड़ होने से खेती पर व्यय को निकालकर कृषक 20 हजार रूपए प्राप्त कर सकते है।

कृषक मीरा ने 5-6 क्विंटल उपज होने की जताई संभावना:

घोड़ाडोंगरी विकासखंड के ग्राम कोयलारी की महिला कृषक मीरा पति सुग्रीव ने खेत में मूंग की फसल बोई है। खेत पर प्रदर्शन का अवलोकन करने पहुंचे अधिकारियों को कृषक मीरा ने बताया कि अभी हमारी फसल 45 दिन की हुई है। फसल में अच्छी फल्ली लगी है। जून माह में फसल की कटाई की जाएगी, जिसमें 5-6 क्विंटल उपज संभावित है।

ग्राम जुवाड़ी के कृषक मूंग की फसल से संतुष्ट

ग्राम जुवाड़ी के कृषक श्री मनोज तुमराम की फसल का अवलोकन किया गया। कृषक ने बताया कि उन्होंने पहली बार ग्रीष्मकाल में मूंग की फसल लगाई है। फसल देखकर कृषक संतुष्ट है। कृषि विभाग ने जिले के सभी मूंग कृषकों को 5 जून के पूर्व न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपज क्रय हेतु पंजीयन कराने की अपील की है।

मूंग उपार्जन के लिये पंजीयन 5 जून तक

जिले में आगामी 5 जून तक किसान मूंग फसल के उपार्जन के लिए पंजीयन करा सकते हैं। पंजीयन करने से पहले किसानों के आधार नंबर का वेरिफिकेशन लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी या बायोमेट्रिक डिवाइस से किया जाना आवश्यक है। पंजीयन के समय किसानों को बैंक खाता नम्बर एवं आईएफएससी कोड की जानकारी भी उपलब्ध करानी होगी। किसानों का पंजीयन भू अभिलेख में दर्ज खाता एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होने पर ही हो सकेगा। सिकमी एवं बटाईदार श्रेणी के किसानों का पंजीयन सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन संस्था द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर किया जाएगा। पंजीयन केन्द्र पर किसान को आधार संबंधी दस्तावेज, आधार से पंजीकृत मोबाइल नंबर तथा सिकमी नामे की प्रति साथ में लेकर आना अनिवार्य है। पंजीयन हेतु किसानों से आधार नंबर से बैंक खाता एवं मोबाइल नंबर को लिंक कराकर उसे अपडेट रखने की अपील की है।

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