Betul news: डॉ.आशीष गुप्ता उच्च शिक्षा की सर्वोच्च उपाधि डी.लिट्. से सम्मानित
मध्य प्रदेश में चुनिंदा विद्वानों को मिली है डी.लिट्. उपाधि

शैक्षणिक कार्यों के लिए सिंगापुर और स्विट्जरलैंड संगठन से भी सम्मानित हो चुके डॉ.गुप्ता
बैतूल। शासकीय कन्या महाविद्यालय बैतूल में पदस्थ अंग्रेजी के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ.आशीष गुप्ता को बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय भोपाल द्वारा उनके शोध ग्रन्थ पर अंग्रेजी विषय में डी.लिट्. की उपाधि प्रदान की गई। ज्ञात हो, कि डी.लिट्. उच्च शिक्षा हेतु सर्वोच्च उपाधि है, जो कि मध्य प्रदेश में सिर्फ चुनिंदा विद्वानों ने अब तक प्राप्त की है।
उल्लेखनीय है डॉ.गुप्ता का शिक्षण अनुभव 30 वर्ष का है। इनके मार्गदर्शन में अनेकों शोधार्थियों को पी.एच.डी. एवं एम.फिल.की उपाधि प्राप्त हुई है। देश के अनेको प्रसिद्ध विश्वविद्यालय द्वारा डॉ.गुप्ता को पीएचडी वायवा के लिए विशेषज्ञ के रूप मे आमंत्रित किया जाता है।
वह विभिन्न विश्वविद्यालयों में अंग्रेजी अध्ययन बोर्ड के सदस्य हैं। अब तक, उनके लगभग 130 शोध पत्र प्रतिष्ठित जर्नल्स, शोध ग्रंथो एवं संकलनों में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने कई राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार, वेबिनार में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया है। वह विभिन्न प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय रेफरीड पीयर रिव्यूड जर्नल्स के संपादकीय, सलाहकार, समीक्षा बोर्ड के एसोसिएट संपादक, सदस्य हैं। उन्होंने यूजीसी की वित्तीय सहायता के तहत एक लघु अनुसंधान परियोजना पूरी की है। उन्हें म.प्र. शासन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा दो बार उच्च शिक्षा मंत्री (वर्तमान मुख्यमंत्री) द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (एनईपी 2020) हेतु उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्यों के लिए एवं सर्वश्रेष्ठ शिक्षाविद के लिए सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें शैक्षणिक कार्यों के लिए सिंगापुर और स्विट्जरलैंड संगठन द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है। अब तक लगभग तीस संपादित एवं आठ स्व लेखकीय पुस्तकें, पांच ई-पुस्तकें प्रसिद्ध प्रकाशनों से प्रकाशित हुई हैं। उनकी एक ई-पुस्तक छह विदेशी भाषाओं में प्रकाशित है। अनेकों ई कंटेंट म.प्र. शासन उच्च शिक्षा विभाग के एल.एम.एस पोर्टल पर विद्यार्थियों हेतु उपलब्ध हैं। म.प्र. शासन हिंदी ग्रंथ अकादमी द्वारा प्रकाशित विद्यार्थियों हेतु, बी.ए. की अंग्रेजी साहित्य की पाठ्य पुस्तकें भी डॉ.गुप्ता द्वारा सम्पादित हैं। उनकी कई लिखित एवं संपादित पुस्तकें, ई पुस्तकें कई राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों में शामिल की गयी हैं। डॉ.गुप्ता इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) नई दिल्ली में अंग्रेजी के काउंसलर भी हैं। इनके अलावा, वह एफ.एस.ए.एस.एस. के स्थायी सदस्य हैं एवं मलेशिया विश्वविद्यालय के विजिटिंग रिसर्च फेलो भी हैं। डॉ. गुप्ता की उपलब्धि पर उनके परिवारजनों एवं शुभचिंतकों ने शुभकामनाएं प्रेषित की है।
–– डी.लिट्. उच्च शिक्षा हेतु सर्वोच्च उपाधि क्यों कहलाती है-–
डी.लिट्. उपाधि शिक्षा के क्षेत्र में सर्वोच्च होने के कई कारण है। दरअसल यह एकमात्र ऐसी उपाधि है, जिसमें बिना फैकल्टी और गाइड के, कैंडिडेट अपने स्तर पर ही सारी रिसर्च करता है, इसमें उसे कठोर परीक्षा से गुजरना पड़ता है। अनेकों स्तर पर शोध कार्य की जांच, आकलन एवं कार्य प्रगति का प्रस्तुतीकरण देश एवं विदेश की टॉप यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर, डीन, वरिष्ठ शिक्षाविदों एवं कुलपति के समक्ष किया जाता है। सभी लोगों की सहमति उपरांत ही रिसर्च वर्क का अंतिम प्रारूप तैयार किया जाता है। इसके बाद पुनः शोधकार्य मूल्यांकन, प्रस्तुतीकरण आदि अनेक प्रक्रियाओं से गुजर कर, उच्च स्तर के शोध कार्य की संतुष्टि उपरांत ही, यह उपाधि प्रदान की जाती है।




