Shiva Mahapurana Katha : मन हमेशा भगवान में लगाएं तो ही होगा कल्याण: आचार्य पवन पाठक
बैतूलबाजार के चौकीपुरा में आयोजित की जा रही संगीतमय शिव महापुराण कथा में उमड़ रहे भक्त

Shiva Mahapurana Katha : बैतूल। जिले की धार्मिक नगरी बैतूलबाजार के चौकीपुरा में संगीतमय शिव महापुराण कथा का आयोजन गुरुवार से किया जा रहा है। कथा के दूसरे दिवस शुक्रवार को वृंदावन से आए आचार्य पवन पाठक महाराज ने भक्तों को संगत की बात विस्तार से बताई। उन्होंने कहा कि शिव महापुराण कथा में वर्णन है कि इंसान की संगत हमेशा सही होना चाहिए। कार्य ऐसा होना चाहिए जिससे हजारों लोग भक्ति से जुड़ जाएं। यदि संग गलत हो गया तो राह ही विपरीत हो जाती है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि हम एक अग्नि से रोटी पकाते हैं और यही अग्नि पंडित, पुजारी या किसी भक्त से मिल जाए तो उससे भगवान की आरती जल उठती है। वही अग्नि बीड़ी ,सिगरेट के साथ हो तो जूते से बुझा दी जाती है। इसी कारण से हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि संग ठीक होना चाहिए। यदि संग गलत हो जाए तो कोई भी किया गया कार्य बेकार है। सभी को इंद्रियों को जीतने का प्रयास भी करना चाहिए।
शिव महापुराण कथा में वर्णन है कि चार दुख आते हैं। पहला है जन्म का। जब बालक जन्म लेता है तो दूसरा मृत्यु। यह भयानक पीड़ा देती है। तीसरा जरा यानि बुढ़ापा। इसका भी बड़ा दुख होता है। परेशान वही होगा जिसने भगवान की भक्ति के लिए समय नहीं दिया। उसका सारा समय अस्पताल में बीतेगा।इसी कारण से कहा गया है कि काम करते चलो, नाम जपते चलो, मन को हर दम विषयों से हटाते चलो। कृष्ण गोविंद गाते चलो। आचार्य पाठक ने कहा कि आज के समय में मन तो संसार में लगा लिया और बुद्धि भगवान में लगा लिया गया है। आज जरूरी है कि मन भगवान में लगाएं तो कल्याण होगा। भगवान की जो जय करेगा, भगवान भी हमेशा उसकी जय करेंगे।




