Betul news: लोकसभा प्रत्याशी भूरेलाल बेठेकर ने उठाई मनरेगा मजदूरों की समस्या

कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

बैतूल। इन दिनों महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना में मजदूरी की गारंटी नहीं मिल रही है। क्योंकि शासन से मजदूरी भुगतान के लिए ही पैसा नहीं आ रहा है। इससे जहां पंचायत स्तर पर मनरेगा का काम प्रभावित हो रहा हैं। वहीं दूसरी ओर काम कर चुके मजदूरों को त्योहारों में मजदूरी के लिए भटकना पड़ रहा है। खाते में पैसा नहीं आने से मनरेगा मजदूरों में नाराजगी है। ग्रामीण क्षेत्र में यह स्थिति बनी हुई है

लोकसभा के भावी प्रत्याशी भूरेलाल बेठेकर ने बताया कि लोकसभा बैतूल हरदा क्षेत्र, मेरे भ्रमण के दौरान अधिकांश ग्रामवासियों द्वारा पेयजल एवं मनरेगा योजना की मजदूरी न मिलने की जानकारी दी गई। श्री बेठेकर ने बताया आदिवासियों का महत्वपूर्ण होली के त्योहार का समय आ गया है। मजदूर आदिवासी मजदूरी पर आश्रित होता है, समय पर उन्हें उनकी मजदूरी की राशि नही मिलने से होली का त्यौहार नही मना पाएंगे। उन्होंने राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद के बैनर तले कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मजदूरी का भुगतान दिलवाने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद के प्रदेश महासचिव सहित बहुजन क्रांति मोर्चा प्रदेश संयोजक बीएल मासोदकर शामिल है।

गौरतलब है मनरेगा के मजदूरी के लिए शासन से फंड ही नहीं आ रहा है। जिससे मनरेगा से जुड़े मजदूर परेशान हो रहे हैं। मजदूरों ने बताया कि हम यह सोच कर मनरेगा के काम में जाते हैं कि इसमें मजदूरी अच्छी मिलती है। सीधे खाते में पैसा आता है पर काम हो जाने के बाद पता चलता है कि मजदूरी का कोई ठिकाना नहीं है। पता नहीं कब खाते में पैसा आएगा। मजदूरों का कहना है कि त्यौहार में उम्मीद थी कि मजदूरी मिल जाएगी पर बिना मजदूरी के त्योहार मनाना पड़ेगा।शासन प्रशासन को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ समय पर मजदूरी भुगतान की व्यवस्था भी की जानी चाहिए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button