Betul news:भैंसदेही से चौरागढ़ पचमढ़ी तक निकाली पितराकू गोमेज जतरा
कोरकू समाज की संस्कृति, बोली-भाषा, सामाजिक विचारधारा संजोने चला रहे अभियान

बैतूल। कोरकू समाज ने देवठान स्थल, पितरा मुंडा गाथा स्थलों का संरक्षण तथा संवर्धन, स्वत्रंत्रता संग्राम सेनानियों व शहीदों का सम्मान तथा कोरकू समाज की संस्कृति, बोली-भाषा, सामाजिक विचारधारा को संजोने के उद्देश्य से भैंसदेही से चौरागढ़ पचमढ़ी तक पितराकू गोमेज जतरा निकाली।
आदिवासी कोरकू कल्याण समिति, मध्यप्रदेश के तत्वावधान में 8 मार्च को भैंसदेही के जय स्तंभ पर माल्यार्पण कर भैंसदेही जतरा का शुभारम्भ किया गया। भैंसदेही से गुप्तवाडा तक पदयात्रा कर गुप्तवाडा में काला बाबा एवं चौरा गोमेज तथा मुंडा गाथा स्थान पर पूजा अर्चना करने के बाद समाज के लोगों के सहयोग से खीर-पूडी का प्रसाद वितरण किया गया। गुप्तवाडा काला बाबा, चौरा गोमेज, मुंडा गाथा, नीलगढ बाबा, घुडीदेव बाबा, खारी देव बाबा, चौरागढ बाबा एवं मटकुली, पगारा, पचमढी, हर्राकोट में 10 किमी की पदयात्रा कर राजा भभूत सिंह कोरकू एवं उनके वशंज के पवित्र मुंडा गाथा स्थल आदि स्थानों पर पारंपरिक रूप से पूजन अर्चन किया। कोरकू समाज के लोगों ने जतरा का जगह-जगह पर स्वागत अभिनंदन किया। सामाजिक विषयों पर विचार मंथन किया। जतरा गुप्तवाडा, बैलठाना, नांदा, भीमपुर, हिडली, आदर्श धनोरा, लकडजाम, रतनपुर, आलमपुरा, चुरनी ढाना, चिरापाटला, कामठा, फोफलिया, सेलदा, कुप्पा, हांडीपानी, भौंरा, डांडीवाडा, नयापुरा, सुखतवा, केसला, इटारसी, नर्मदापुरम, सोहागपुर, पिपरिया, मटकुली, पगारा होते हुए पचमढ़ी पहुंची। जतरा के सफल आयोजन में आदिवासी कोरकू कल्याण समिति बैतूल, काला बाबा शोध बोध संस्थान, गुप्तवाडा भैंसदेही, वीर रामजी भाऊ कोरकू नामकरण समिति, भैंसदेही सरदार गंजन सिंह कोरकू सेवा समिति बैतूल, कोरकू समाज विकास समिति इंदौर, आजीविका कोरकू बचत समूह इंदौर, आदिवासी राजा भभूत सिंह सेवा समिति पचमढ़ी, मुंडा गाथा स्थल समिति पगारा एवं आदिवासी कोरकू कल्याण समिति नर्मदा पुरम का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।




