शिक्षा में प्रौद्योगिकी का योगदान पर छात्र-छात्राओं ने प्रस्तुत किए विचार

बैतूल। स्थानीय शाला न्यू बैतूल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में गद्य साहित्य की प्रमुख विधा “निबंध” प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में 6वीं से 12वीं कक्षा तक के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में विभिन्न वर्गों के लिए अलग-अलग विषय रखे गए थे। माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों के लिए “कंप्यूटर”, हाई स्कूल स्तर के लिए “शिक्षा में प्रौद्योगिकी का योगदान” और हायरसेकेण्डरी वर्ग के लिए “स्वच्छ भारत अभियान” विषय निर्धारित किए गए। निबंध प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने शिक्षा में प्रौद्योगिकी के योगदान और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इस प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों के लेखन कौशल को निखारने और उन्हें विभिन्न विषयों पर गहराई से सोचने के लिए प्रेरित किया। शाला के इस आयोजन ने एक बार फिर साबित किया कि शिक्षा में प्रौद्योगिकी और स्वच्छता जैसे विषयों पर विद्यार्थियों की सोच और समझ को विकसित करना आवश्यक है।
इस अवसर पर संस्था सचिव मोहित गर्ग ने कहा, निबंध हमें बेहतर विचार संग्रह करने, उन्हें संरचित रूप में प्रस्तुत करने और अपने विचारों को अभिव्यक्त करने का एक बेहतर तरीका प्रदान करता है। निबंध लेखन के माध्यम से हम अपने ध्यान को एक विषय पर केंद्रित करके उसके बारे में अधिक ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं और दूसरों के साथ अपने विचारों को साझा कर सकते हैं।
शाला प्राचार्य देवेंद्र ठाकुर ने अपने वक्तव्य में कहा, निबंध प्रतियोगिताएं आपके अन्वेषण के लिए एक ठोस समयरेखा और गुंजाइश प्रदान करती हैं, जो तब मददगार हो सकती है जब आप कभी-कभी समय प्रबंधन के साथ संघर्ष करते हैं। प्रत्येक प्रतियोगिता आपको अपनी संभावित रुचियों में से एक में थोड़ा और गहराई से खुदाई करने के लिए मजबूर करती है। यह किताबों और शोध पत्रों को आधे-अधूरे मन से पलटने से कहीं अधिक मनोरंजक है।
प्रतियोगिता में शिक्षकों का रहा योगदान
प्रतियोगिता में शालेय व्याख्याता श्रीमती मिश्रा, संदीप कौशिक, नवनीत साहू, अजय शुक्ला, अजय तिवारी, रमेश जोगी, असीम जोसफ, और राकेश साबले का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इन सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया और उन्हें निबंध लेखन में प्रोत्साहित किया।




