27 साल पुरानी परंपरा में छलका भाई-बहन का स्नेह, सैकड़ों बहनों ने केंडू बाबा की कलाई पर बांधी राखी
मुस्लिम बहनें भी वर्षों से बांध रही हैं रक्षा सूत्र, सामाजिक समरसता की मिसाल बना आयोजन

राखियों से सजी टोकनी की निकली शोभायात्रा, भगवान महामृत्युंजय को पहले अर्पित किया रक्षा सूत्र; बहनों को उपहार में दिए बैग
बैतूल। भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और सामाजिक समरसता का अनूठा उदाहरण बना अटल सेना का रक्षाबंधन उत्सव गुरुवार को उत्साह के साथ संपन्न हुआ। 27वें वर्ष में प्रवेश कर चुके इस आयोजन में सैकड़ों बहनों ने समाजसेवी राजेंद्र सिंह उर्फ केंडू बाबा की कलाई पर राखी बांधी। आयोजन की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री पंडित अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर माल्यार्पण एवं श्रद्धासुमन अर्पित कर की गई। इसके बाद राखियों से सजी टोकनी की शोभायात्रा गंज के प्रमुख मार्गों से निकाली गई।
राखियों से सजी टोकनी लेकर बहनें शोभायात्रा में शामिल हुईं। गंज के प्रमुख मार्गों से निकली शोभायात्रा के दौरान जगह-जगह बहनों ने राखियों की आरती और पूजन किया। श्रद्धा और उत्साह के साथ निकली शोभायात्रा के बाद सभी बहनें राधा-कृष्ण धर्मशाला पहुंचीं। यहां राखियों से सजी टोकनी का दोबारा विधिवत पूजन-अर्चन किया गया।
मुस्लिम बहनें भी वर्षों से बांध रही रक्षा सूत्र
इस आयोजन की खास बात यह है कि मुस्लिम बहनें भी कई वर्षों से रक्षाबंधन उत्सव में शामिल होकर केंडू बाबा को रक्षा सूत्र बांध रही हैं। धर्म और समुदाय की सीमाओं से ऊपर उठकर निभाया जा रहा यह भाई-बहन का रिश्ता सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे की मिसाल बन गया है।
पहले भगवान महामृत्युंजय को राखी, फिर केंडू बाबा की सजी कलाई
कार्यक्रम में धार्मिक परंपरा के अनुसार सबसे पहले भगवान महामृत्युंजय को राखी अर्पित की गई। इसके बाद रक्षा सूत्र बांधने का सिलसिला शुरू हुआ। एक-एक कर बहनों ने राजेंद्र सिंह उर्फ केंडू बाबा की कलाई पर राखी बांधी और उनके दीर्घायु एवं सुख-समृद्धि की कामना की। केंडू बाबा ने भी बहनों के स्नेह को स्वीकार करते हुए उनके सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े रहने का संकल्प दोहराया।
27 साल से कायम है भाई-बहन का यह रिश्ता
अटल सेना का यह रक्षाबंधन उत्सव पिछले 27 वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है। समय के साथ यह आयोजन केवल राखी बांधने का कार्यक्रम न रहकर भाई-बहन के बीच विश्वास, अपनत्व और सामाजिक सरोकार की मिसाल बन गया है। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बहनें हर वर्ष इस आयोजन में शामिल होती हैं।
बहनों को उपहार में दिए बैग
रक्षाबंधन कार्यक्रम में शामिल सभी बहनों को उपहार स्वरूप बैग प्रदान किए गए। इसके बाद सामूहिक भोजन का आयोजन हुआ। स्नेह, सम्मान और भाई-बहन के आत्मीय रिश्ते के बीच कार्यक्रम का समापन हुआ।
आयोजन में कृष्णा नामदेव, सरिता पाल, ज्योति राठौड़, सुनीता राठौर, सेवंती साहू, किरण कुमार, ज्योति जावलकर, बसंती मौसी, सुधा खंडारे, मीना धुर्वे, कल्पना पवार, रजनी पवार, मंजू ऊपसे, नीतू मालवीय, कल विश्वकर्मा, कीर्ति नामदेव, भारती सावरकर, कल्पना नांडे, दिनेश खंडारे, पूजा शर्मा, पूजा अतुलकर, कुसुम देवड़ा, सीमा चंदेल, शीतल कामतकर सहित बड़ी संख्या में बहनों ने सहभागिता की। सभी ने आयोजन की व्यवस्थाओं में सहयोग करते हुए रक्षाबंधन उत्सव को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।




