Teacher Suspended: स्कूल के पास गड्ढे में डूबा छात्र, दो शिक्षक सस्पेंड
भोजन अवकाश में स्कूल से बाहर जाकर गड्ढे के पास खेलते समय पानी में डूबने से हुई मौत

Big Action:बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल में विवेकानंद वार्ड में स्थित प्राथमिक शाला के कक्षा तीसरी के छात्र की गुरुवार को पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई थी। इस मामले में स्कूल के शिक्षकों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिला शिक्षा अधिकारी ने छात्र की मौत के कारण दोनों को सस्पेंड कर दिया है।

जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी किए गए आदेश में उल्लेख किया गया है कि विकास खंड स्त्रोत समन्वयक जनपद शिक्षा केन्द्र बैतूल के पत्र क्र. दिनांक 13.07. 2023 के अनुसार शासकीय प्राथमिक शाला विवेकानन्द वार्ड बैतूल के कक्षा 3 री में अध्ययनरत छात्र सावन पिता महेन्द्र पारधे ने दिनांक 13.07.2023 को शाला में उपस्थित होकर मध्यान्ह भोजन किया। उक्त दिनांक को ही दोपहर बाद छात्र सावन की शाला परिसर के निकट गड्ढे में पानी में डूबने से मौत हो गई ।
उक्त घटना से स्पष्ट रूप से प्रमाणित होता है कि आपके द्वारा शाला में अध्ययनरत छात्रों की सुरक्षा के संबंध में लापरवाही बरती गई है तथा आप इस घटना के लिये प्रथम दृष्टया दोषी है।
इस कारण सतीष पलेवार प्राथमिक शिक्षक शासकीय प्राथमिक शाला विवेकानंद वार्ड बैतूल संकुल शासकीय कन्या उमावि बैतूल गंज और रीता सातनकर प्राथमिक शिक्षक शासकीय प्राथमिक शाला विवेकानद वार्ड बैतूल संकुल शासकीय कन्या उमावि बैतूल गंज का उक्त कृत्य मप्र सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के उपनियम 1 के नियम एक, दो, तीन के विपरीत होने से इन्हें मप्र सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील)। नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय कार्यालय विकास खंड शिक्षा अधिकारी बैतूल होगा निलंबन अवधि में संबंधित को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

दरअसल विवेकानंद वार्ड में स्थित प्राथमिक शाला में पढ़ने वाला छात्र सावन पिता महेंद्र पारधे गुरुवार को सुबह स्कूल गया था। दोपहर 2:30 बजे भोजन की छुट्टी होने पर वह अन्य बच्चों के साथ बाहर खेलने के लिए चला गया। स्कूल के पास कुछ दूरी पर खंती में वर्षा के कारण पानी भरा हुआ था। उसी में सावन जाकर डूब गया। उसकी बहन ने डूबते देखा तो स्कूल में आकर शिक्षकों को इसकी जानकारी दी।
लोगों ने गड्ढे में उतरकर बच्चे को बाहर निकाला गया। मौके पर पहुंची 108 एंबुलेंस से उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां डाक्टर ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।स्वजनों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन अवकाश के दौरान बच्चों को बाहर जाने से रोक देते तो घटना घटित नहीं होती।




