किसानों को भुगतान न होने से परेशान हो रहे सहकारी समिति कर्मचारी, कलेक्टर से की शिकायत
वेतन विसंगति, उपार्जन कमीशन और किसानों की लंबित राशि पर कर्मचारियों का फूटा गुस्सा

बैतूल। जिले में उपार्जन को लेकर सहकारी समिति कर्मचारियों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। वेतन विसंगति, उपार्जन का कमीशन और किसानों की बकाया राशि के भुगतान में देरी जैसी समस्याओं को लेकर मंगलवार 25 फरवरी को कोऑपरेटिव कर्मचारी संघ बैतूल और मध्यप्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ के तत्वावधान में कर्मचारियों ने कलेक्टर बैतूल, सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक (सीसीबी), फूड डिपार्टमेंट के अधिकारियों और उप पंजीयक (डीआर) बैतूल को भी ज्ञापन सौंपा।
कर्मचारियों का कहना है कि उपार्जन कार्य में लगे कर्मचारियों को अभी तक उचित भुगतान नहीं मिला है। वहीं, किसानों की उपार्जन राशि भी अब तक उनके खातों में नहीं पहुंची है, जिससे किसान सहकारी समितियों के कर्मचारियों पर दबाव बना रहे हैं। किसान अपने पैसों के लिए लगातार समितियों के कर्मचारियों से सवाल कर रहे हैं, लेकिन कर्मचारियों के पास इसका कोई जवाब नहीं है क्योंकि भुगतान प्रक्रिया में देरी हो रही है।
संघ के बलवीर मालवी ने बताया कि अब तक किसानों का करीब 37 करोड़ रुपये और सहकारी समितियों का उपार्जन कमीशन भुगतान लंबित है। इस देरी के कारण किसानों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं समितियों के कर्मचारियों को भी अपने मेहनताने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
– कलेक्टर ने अधिकारियों को बुलाकर दिए निर्देश
ज्ञापन सौंपने के बाद कलेक्टर बैतूल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत उपार्जन एजेंसी के अधिकारियों को बुलाया और समस्याओं के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसानों को जल्द से जल्द उनकी राशि उपलब्ध कराई जाएगी और कर्मचारियों की वेतन विसंगति व उपार्जन कमीशन से जुड़ी समस्याओं को भी प्राथमिकता से हल किया जाएगा।
इस दौरान ज्ञापन सौंपने वालों में कोऑपरेटिव कर्मचारी संघ बैतूल के अशोक देशमुख, मध्यप्रदेश सहकारी कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष अरुण अडलक, जिला उपाध्यक्ष धर्मराज धोटे, गणेश लहरपुरे, अरुण चौधरी, समीर पाठक और बलवीर मालवी प्रमुख रूप से शामिल रहे। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि किसानों की राशि तत्काल उनके खातों में डाली जाए, उपार्जन से जुड़े कर्मचारियों को समय पर भुगतान मिले और वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए। ज्ञापन देने वालों में निखिल आर्य, भोला सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।





