surrounded the social justice department: वृद्धाश्रमों की दुर्दशा ने खोली विभागीय लापरवाही की पोल

वृद्धाश्रम की बदहाल स्थिति को लेकर 2 महीने पहले दिया था ज्ञापन

बैतूल। जिले में वृद्धाश्रमों की बदहाल व्यवस्थाओं और सामाजिक न्याय विभाग की लापरवाही को लेकर आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष शैलेष कुमार वाईकर ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने विभाग के उपसंचालक से मुलाकात कर 2 महीने पहले दिए गए ज्ञापन पर अब तक की कार्रवाई की जानकारी मांगी। इस दौरान उपसंचालक ने स्पष्ट जवाब देने की बजाय टालमटोल रवैया अपनाया।

शैलेष वाईकर ने बताया कि ज्ञापन में जिले के बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मंदिरों और पंचायत स्तर पर होर्डिंग्स और फ्लेक्स लगाने की मांग की गई थी, जिनमें वृद्धाश्रमों की जानकारी, संपर्क नंबर और सहायता के लिए ड्राइवर के नंबर प्रदर्शित किए जाने की बात थी। लेकिन अब तक इस दिशा में कोई काम नहीं हुआ है। उपसंचालक ने कहा कि उन्होंने पत्र लिख दिए हैं, लेकिन इसके लिए विभाग के पास अलग से कोई बजट नहीं है।

– वृद्धाश्रमों की बदहाल स्थिति का किया खुलासा

शैलेष वाईकर ने उपसंचालक को जानकारी दी कि दीपावली के समय जब वह भारत भारती स्थित नवनिर्मित वृद्धाश्रम पहुंचे, तो वहां सिर्फ दो वृद्धजन मौजूद थे। वहीं उड़दन स्थित मातोश्री वृद्धाश्रम में 25-30 वृद्धजन रह रहे थे, लेकिन वहां व्यवस्थाओं का घोर अभाव था। रास्ते में झाड़ियां उगी हुई थीं, और शाम को लाइट की भी व्यवस्था नहीं थी। मातोश्री वृद्धाश्रम के संचालकों का कहना है कि उन्हें समय पर शासन द्वारा दी जाने वाली राशि नहीं मिलती, जिससे व्यवस्थाएं बदतर हो गई हैं। दूसरी ओर, भारत भारती का नवनिर्मित वृद्धाश्रम भोपाल की एक नई संस्था को सौंप दिया गया है, जबकि वहां सिर्फ दो वृद्धजन रह रहे हैं। शैलेष वाईकर ने सवाल उठाया कि मातोश्री वृद्धाश्रम के अनुभवी संचालकों को यह नया आश्रम क्यों नहीं सौंपा गया, जो पहले से 25-30 वृद्धजनों की देखभाल कर रहे हैं।

– विभागीय उदासीनता पर सवाल

शैलेष वाईकर ने विभाग से पूछा कि होर्डिंग्स और फ्लेक्स लगाने का काम अब तक क्यों नहीं हुआ। उपसंचालक ने जवाब दिया कि फ्लेक्स और होर्डिंग लगाने का काम विभाग के दायरे में नहीं आता। उन्होंने कहा कि वृद्धाश्रम खुद ही प्रचार-प्रसार के लिए यह काम करते हैं और बिल बनाकर पैसा निकालते हैं। लेकिन जब शैलेष वाईकर ने पूछा कि क्या वृद्धाश्रम संचालकों को इसकी जानकारी है, तो उपसंचालक कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दे सके।

– वृद्धाश्रमों की जानकारी के लिए होर्डिंग्स की मांग

ज्ञापन में मांग की गई थी कि जिले के बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, और प्रमुख मंदिरों पर ऐसे होर्डिंग्स लगाए जाएं, जिनमें वृद्धाश्रमों की जानकारी, संपर्क नंबर और वाहन की व्यवस्था के लिए ड्राइवरों के नंबर प्रदर्शित हों। इससे आम जनता इन निराश्रित लोगों की जानकारी देकर उन्हें आश्रम तक पहुंचाने में मदद कर सके। लेकिन विभाग ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

– आम आदमी पार्टी ने दी चेतावनी

शैलेष वाईकर ने कहा कि सामाजिक न्याय विभाग की लापरवाही से सर्दियों में कई निराश्रित वृद्धजन खुले में रातें बिताने को मजबूर हो सकते हैं। उन्होंने विभाग को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई, तो आम आदमी पार्टी जनआंदोलन करेगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी।

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