प्रकृति का अनमोल उपहार है जल: मधु चौहान।
अभी भी जल नहीं सहेजा तो भुगतने होंगे भयावह दुष्परिणाम: गोवर्धन राने। विश्व जल दिवस पर सीएमसीएलडीपी क्लास आठनेर मे जल संगोष्ठी कार्यक्रम का किया आयोजन। जल संरक्षण का लिया संकल्प

आठनेर। विश्व जल दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद विकासखंड आठनेर के निर्देशन में चलने वाली सीएमसीएलडीपी क्लास में जल संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और जन मानस को जल संरक्षण के महत्व के प्रति संवेदनशील बनाना रहा।
कार्यक्रम के शुभारंभ पर जल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए नगर मंडल अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के परामर्शदाता गोवर्धन राने ने कहा की वर्तमान समय में जल संकट एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है।यदि समय रहते जल का संरक्षण नहीं किया गया तो आने वाले समय में इसके दुष्परिणाम और भी भयावह हो सकते हैं।
मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद विकासखंड आठनेर की विकासखंड समन्वयक मधु चौहान ने कहा कि जल सभी जीवित प्राणियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण प्रकृति का अनमोल उपहार है।हमें पीने,खाना पकाने,नहाने और खेती के लिए जल की अत्यंत आवश्यकता होती है। पेड़-पौधों और जानवरों को भी बढ़ने और जीवित रहने के लिए जल की आवश्यकता होती है। जल के बिना जीवन संभव नहीं है। जल को बचाना हम सब की नैतिक जिम्मेदारी है। उपस्थित नवांकुर संस्था पदाधिकारियों, परामर्शदाताओं एवं छात्र-छात्राओं ने जल सहेजने,जल का विवेकपूर्ण उपयोग एवं वर्षा जल संचयन को अपनाने का सामूहिक संकल्प लिया। सभी के द्वारा अपने सेक्टर एवं ग्राम में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत की जाने वाली गतिविधियों की विस्तार से योजना बनाई गई। सरकार की मंशा अनुरूप जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रस्फुटन समितियो एवं मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के छात्र-छात्राओं द्वारा बढ़-चढ़कर गतिविधिया आयोजित की जाती है।
कार्यक्रम के अंतर्गत जल संरक्षण पर उद्बोधन एवं जल जागरूकता रैली का भी आयोजन किया गया।कार्यक्रम का समापन जल संरक्षण के सामूहिक संकल्प के साथ किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सीएमसीएलडीपी छात्र छात्राएं, नवांकुर संस्था सदस्य एवं प्रस्फुटन समितियो के सदस्य उपस्थित रहे।




