Training given for cultivation of Ashwagandha: स्व सहायता समूहों को अश्वगंधा की खेती का दिया गया प्रशिक्षण
देवारण्य योजना के तहत छह विकासखंडों में चला कार्यक्रम

बैतूल। देवारण्य योजना के अंतर्गत अश्वगंधा की खेती को बढ़ावा देने के लिए बुधवार 16 अप्रैल को जिले के छह विकासखंड आमला, मुलताई, आठनेर, शाहपुर, घोड़ाडोंगरी और भीमपुर में स्व सहायता समूहों को इस औषधीय पौधे की खेती के लिए मास्टर ट्रेनर्स द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया।
जिला आयुष अधिकारी डॉ योगेश चौकीकर ने बताया कि यह संपूर्ण कार्यक्रम आयुक्त, संचालनालय आयुष मध्यप्रदेश भोपाल के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर बैतूल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। प्रत्येक विकासखंड में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में प्रशिक्षण का विधिवत शुभारंभ किया गया।
भीमपुर में वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी प्रभु कुमार चटके, आमला में जनपद अध्यक्ष गणेश यादव, शाहपुर में वरिष्ठ उद्यान अधिकारी प्रकाश कापसे, घोड़ाडोंगरी में पार्षद राहुल इवने, आठनेर में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सुषमा जगताप तथा मुलताई में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कंचन कासलेकर ने कार्यक्रम की शुरुआत की।
इस कार्यक्रम की सफलता में देवारण्य योजना अंतर्गत जिले के नोडल अधिकारी डॉ. मनक धुर्वे और डॉ. अतुल राय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। भीमपुर में डॉ. मनक धुर्वे और डॉ. वेद प्रकाश डेहरिया, आमला में डॉ. नितिन अतुलकर और डॉ. रवि चौकीकर, भैंसदेही में डॉ. दीपक कडवे और डॉ. अजय मांडवे, मुलताई में डॉ. विनीता महादुले और डॉ. शारदा चौधरी, शाहपुर में डॉ. प्रहलाद नागले और डॉ. कंचन डडोरे, तथा घोड़ाडोंगरी में डॉ. विजय तांडिलकर और डॉ. अभय देव इवने के नेतृत्व में प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ।




