टीईटी के विरोध में शिक्षक संगठनों ने किया प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, नियमों में संशोधन की मांग। शिक्षक पात्रता परीक्षा के नए नियमों पर शिक्षकों में नाराज़गी, नियमों में सुधार नहीं हुआ तो होगा बड़ा आंदोलन।

बैतूल। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से जुड़ी नई व्यवस्था के विरोध में शुक्रवार को बैतूल जिले के विभिन्न शिक्षक संगठनों ने एकजुट होकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और सरकार के निर्णय पर नाराज़गी जताई। शिक्षक संघों के पदाधिकारियों ने कहा कि लागू की जा रही नई व्यवस्था से हजारों अभ्यर्थियों और शिक्षकों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, इसलिए सरकार को तत्काल नियमों में संशोधन करना चाहिए।
कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में शिक्षक संगठनों ने मांग की कि शिक्षक पात्रता परीक्षा से जुड़े नियमों में संशोधन कर शिक्षकों और अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाए। पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले समय में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला अध्यक्ष मप्र राज्य कर्मचारी संघ सचिन राय, संभागीय अध्यक्ष संजय ठाकुर, एन के गलफट, पंजाब गायकवाड़, भीम धोटे, रवि सरनेकर, आशिषचंद्र शर्मा, राजेंद्र कटारे, प्रवीण नरवरे, नितेश राठौड़, अनिल कापसे, शैलेन्द्र बिहारीया, राजेंद्र प्रसाद साहू, राजकुमार राठौड़, मुकेश सरियाम, हरिराम, नरेंद्र वागद्रे, प्रदीप राने, साहेबराव चिल्हाटे, नारायण सिंह नगदे, चंचल पांसे, मंगलमूर्ति पाटनकर, दुर्गेश मालवीय, आरआर धोटे, श्रीमती प्रेमवती उईके, अमीना ख़ान, भगोती परते, दरशन वामनकर, शिरिश वर्मा, श्यामदेव ब्राह्मणे, ओम प्रकाश सरोने, प्रदीप कुमार राने, संतोष राठौर, राजकुमार राठौर, वीरेंद्र धुर्वे, विशन आहाके, हेमंत जैन, सुभाष बागवे, प्रवीण कुमार शर्मा, नितेश राठौर, एस ठाकरे, आर रघुवंशी, आरआर धोटे, आरके मालवीय, सुनील पंडाग्रे सहित सैकड़ों कर्मचारी और शिक्षक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।




