Tansen Ceremony : वर्ल्ड रिकार्ड बनाने के लिए बैतूल के चार तबला वादकों ने दी ताल

ग्वालियर में आयोजित कार्यक्रम के लिए बैतूल चार तबला वादकों का चयन किया गया था

Guinness Book of World Records: बैतूल। ग्वालियर दुर्ग पर हुए तानसेन समारोह में तबला वादन का विश्व रिकार्ड बना है। इसे गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज कर लिया गया है।1500 तबला वादकों की टीम में चार तबला वादक बैतूल के भी शामिल थे। इनमें सूर्यांश वर्मा, श्रीकांत मालवीय, खुशबू मिश्रा, कपिल परिहार हैं।

मलकापुर गांव के सूर्यांश वर्मा ने बताया कि एक साथ 1500 तबला वादकों ने 22 मिनट तक तीन ताल व वंदेमातरम की धुन पर प्रस्तुति देकर वर्ल्ड रिकार्ड बनाया। बैतूल के चारों कलाकारों की इस उपलब्धियां पर तबला गुरु पंडित दिनेश खांडेकर, दिलीप रावत एवं सहित मित्रों, स्वजन और कला प्रेमियों बधाई दी है।

तीन पीढ़ियों ने तबला वादन में लिया हिस्सा

चार बरस के नन्हे तबला वादक से लेकर बड़ी उम्र के तबला साधकों से सजा दरबार इस अर्थ में भी अनूठा था कि एक साथ प्रदेश की तीन पीढ़ियां तबला वादन कर रही थीं। तानसेन की जमीन पर तबलों की थाप से सजे दरबार में तानसेन की नगरी थिरक रही थी। राष्ट्रगीत वंदे मातरम की परिकल्पना पर आधारित तबला वादकों ने तीन ताल के ठेका पर संगीत के सम्राट तानसेन को संगीतमय प्रणाम किया। हारमोनियम, सितार और सारंगी की धुन पर सजे लहरा और कायदा पर तबला वादन ने ग्वालियर किला को गुंजायमान कर दिया था।

राष्ट्रगीत वंदे मातरम की धुन पर दी प्रस्तुति

गौरतलब है कि संगीत सम्राट तानसेन की नगरी ग्वालियर में आयोजित तानसेन समारोह में अपराजेय भारतीयता के विश्वगान राष्ट्रगीत वंदे मातरम की धुन पर “ताल दरबार” ने राष्ट्रीयता का उद्घोष करते हुए 1500 तबला वादकों ने अपनी प्रस्तुति देकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया था। इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड संस्था का प्रमाण पत्र ग्रहण किया था।

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