खेडीरामोसी कांड में 32 आदिवासियों पर एफआईआर वापस लेने की मांग।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने एसडीएम मुलताई को सौंपा ज्ञापन। 10 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन की चेतावनी।

बैतूल। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने ग्राम खेडीरामोसी कांड में 32 आदिवासी परिवारों पर दर्ज एफआईआर को लेकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के जिला अध्यक्ष तिरुमाल उर्फ चिंतूलाल उइके के नेतृत्व में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मुलताई को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और एफआईआर वापस लेने की मांग की गई।
ज्ञापन में बताया गया कि जिन आदिवासी नागरिकों पर गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है, वे सभी सामान्य, मेहनतकश और शांतिप्रिय लोग हैं, जो अपने पारंपरिक जीवन-यापन में लगे हुए हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद इन परिवारों को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे क्षेत्र में भय और असंतोष का माहौल बन गया है।
पार्टी ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई बिना समुचित जांच और वास्तविक परिस्थितियों के आकलन के की गई है, जिससे निर्दोष लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। ज्ञापन में प्रकरण की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराते हुए सभी 32 आदिवासी नागरिकों पर दर्ज एफआईआर को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की गई है।
साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि 10 दिनों के भीतर एफआईआर वापस नहीं ली गई तो गोंडवाना गणतंत्र पार्टी द्वारा उग्र प्रदर्शन, महा आंदोलन और पुतला दहन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष पिंकेश धुर्वे सहित मेखलाल कवडे, रमेश उइके और रामनाथ कवडे मौजूद रहे।




