खेत की मेढ़ तोड़ी, पेड़ नष्ट किए, अब पाइपलाइन भी फोड़ी।

शिकायतों पर कार्रवाई नहीं, पीड़ित बोला- हर बार आवेदन दबा दिया जाता है।

बैतूल। खेत में लगातार नुकसान और प्रशासनिक उदासीनता से परेशान एक किसान ने कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है। आरोप है कि पहले खेत की मेढ़ तोड़ी गई, फिर पेड़ों को नष्ट किया गया और अब पाइपलाइन भी फोड़ दी गई। पीड़ित का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद हर बार उसका आवेदन दबा दिया जाता है। कार्रवाई न होने से आरोपी बेखौफ होकर नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे किसान की आजीविका पर संकट गहराता जा रहा है।

मुलताई तहसील के बोरगांव निवासी 37 वर्षीय कमलेश साहू ने कलेक्टर को आवेदन देकर गांव के ही पिरम साहू, उत्तम साहू एवं ज्ञानू पिता शंभू साहू और आनंद साहू पिता उत्तम साहू के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं और तत्काल जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

कमलेश ने बताया कि वह कृषि कार्य कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं, लेकिन वर्ष 2021-22 में आरोपियों ने रात के समय जेसीबी मशीन से उनके खेत के पेड़ उखाड़ दिए और मेढ़ तोड़ दी। इसके बाद वर्ष 2024 में सदाराम पिता मोदी द्वारा पेड़ों को जला दिया गया, जिससे उन्हें भारी नुकसान हुआ।

आवेदक का आरोप है कि वर्ष 2025 में अनावेदकों ने उनकी पाइपलाइन भी तोड़ दी, जिससे पूरी लाइन खराब हो गई और सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो गई। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो अनावेदकों ने खुलेआम कहा कि पुलिस, कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार या 100 नंबर कोई उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।

कमलेश साहू ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों और 181 हेल्पलाइन पर शिकायत की, लेकिन हर बार उनकी शिकायत बिना कारण बंद कर दी गई या हटा दी गई, जिससे उन्हें न्याय नहीं मिल पाया।

पीड़ित ने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें हुए नुकसान की भरपाई दिलाई जाए।

गिट्टी-लोहे की चोरी का आरोप, कलेक्टर से शिकायत
बैतूल। मुलताई तहसील अंतर्गत ग्राम बोरगांव निवासी कमलेश साहू ने जनसुनवाई में कलेक्टर से शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि उसके प्लॉट में रखी गिट्टी और लोहे का सामान चोरी कर लिया गया। आरोप है कि 4 फरवरी से 6 मार्च के बीच अनावेदक बाला, उत्तम, शक्ति एवं उनके परिजनों द्वारा प्लॉट पर रखा निर्माण सामग्री उठा ले जाई गई। आवेदक ने यह भी सवाल उठाया है कि प्लाट आवंटन में बाला को किस आधार पर प्लॉट दिया गया, जबकि वह स्वयं भी पात्र होने के बावजूद प्लॉट से वंचित है। साथ ही ग्राम की शासकीय जमीन पर कई लोगों द्वारा कब्जा किए जाने के बावजूद प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है। आवेदक का कहना है कि सरपंच, सचिव, पटवारी और कोटवार को सूचना देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और प्लॉट आवंटन में पारदर्शिता की मांग की गई है।

 

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