आठनेर कॉलेज में गीता जयंती पर हुआ विशेष व्याख्यान
विद्यार्थियों ने सीखे जीवन के सूत्र, 18 अध्यायों का किया विश्लेषण

बैतूल। शासकीय महाविद्यालय आठनेर में आयोजित भगवत गीता जयंती महोत्सव 01 दिसम्बर से प्रारंभ हुआ। प्राचार्य डॉ. सरोज पाटील के मार्गदर्शन में शुरू हुए इस महोत्सव की शुरुआत विद्यार्थियों को चलचित्रों के माध्यम से भगवत गीता पर आधारित डाक्यूमेंट्री फिल्में दिखाकर की गई। विद्यार्थियों ने स्क्रीनिंग के जरिए गीता के उपदेशों और उनके जीवन में महत्व को समझा।
कार्यक्रम के दूसरे दिन 02 दिसम्बर 2025 को नगर आठनेर से जन अभियान परिषद के आशुतोष चौहान और समाज सेवी कैलाश आजाद को आमंत्रित किया गया। सर्वप्रथम कैलाश आजाद ने उद्बोधन दिया, जिसके बाद आशुतोष चौहान ने भगवत गीता के सभी 18 अध्यायों का विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि गीता के प्रत्येक अध्याय में मनुष्य के जीवन के लिए अलग-अलग मार्गदर्शन और समाधान छिपा है। कर्म करो, फल की इच्छा मत रखो जैसे महावचनों के माध्यम से उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में सकारात्मकता और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश दिया।
दोनों वक्ताओं द्वारा गीता वाचन से मिलने वाले मानसिक समाधानों व जीवन की परेशानियों के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विद्यार्थियों को सक्रिय रूप से जोड़ने के उद्देश्य से प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया, जिसमें सही उत्तर देने वाले छात्रों को पुरस्कार भी वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय परिसर में उत्साह और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला।
इस पूरे आयोजन में डॉ. वर्जिनिया दवंडे, कार्यक्रम प्रभारी हरिकिशन कोगे, डॉ. साधना ठाकुर, डॉ. सुरेन्द्र जितपुरे, डॉ. निलेश धुर्वे, प्रो. आशीष धोटे, अरुण दरवाई और अजय धुर्वे की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन प्रो. प्रमोद गायकवाड़ ने किया तथा आभार डॉ. गजानंद ठाकरे द्वारा व्यक्त किया गया।




