समर कैंप के समापन पर सामूहिक और एकल गोंडी लोकनृत्य ने किया मंत्रमुग्ध 

खेड़ी सावलीगढ़ हाई स्कूल में 20 दिवसीय समर कैंप का रंगारंग समापन

भूतपूर्व प्राचार्य डॉ नूतन भार्गव रहीं मुख्य अतिथि,संस्कृत भाषा का बताया महत्व

बैतूल। खेड़ी सावलीगढ़ स्थित पीएमश्री एकीकृत शासकीय हाई स्कूल में आयोजित 20 दिवसीय समर कैंप का समापन 22 मई को उत्साहपूर्वक किया गया। समापन समारोह की शुरुआत मां शारदा के पूजन और वंदन से हुई। इस अवसर पर विद्यालय की भूतपूर्व प्राचार्य डॉ नूतन भार्गव बतौर मुख्य अतिथि रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार लोक हस्तकला, चित्रकला, कार्ड मेकिंग और प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग गतिविधियों का अवलोकन कर विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा की सराहना की। उन्होंने कहा कि आनंद अपने व्यक्तित्व की स्वतंत्र अभिव्यक्ति में होता है और संस्कृत भाषा अन्य भाषाओं की तुलना में श्रेष्ठ, उपयुक्त एवं वैज्ञानिक है, जिसे बच्चों ने समर कैंप के दौरान अनुभव किया।

– छात्र-छात्राओं ने इंग्लिश में दिया परिचय

समापन समारोह में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सामूहिक और एकल गोंडी लोकनृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके साथ ही छात्र-छात्राओं ने इंग्लिश में अपना परिचय देते हुए अपने आत्मविश्वास और वर्णनात्मक योग्यता से सभी को आश्चर्यचकित कर दिया।।समर कैंप को सफल बनाने में शिक्षक पतीराम टेकाम, सेवंती इवने, अनिता उइके, सविता उइके, शकुंतला ऊबनारे, सुनील पूर्वे, उर्मिला चौकीकर एवं अलका रानी गोम्स का विशेष योगदान रहा।

– मील का पत्थर साबित हुआ आयोजन

विद्यालय के प्राचार्य जयेश त्रिवेदी एवं उपस्थित अभिभावकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि समर कैंप से बच्चों में आत्म अभिव्यक्ति की कला, आत्मविश्वास, प्रयोगात्मक अभिरुचि और विश्लेषणात्मक योग्यता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। समर कैंप का यह आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा, ऐसी भावना कार्यक्रम में स्पष्ट रूप से देखने को मिली।

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