मां ताप्ती नदी के प्रवाह क्षेत्र से हटाया अतिक्रमण, मुलताई में प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई।
रात में टिन शेड बनाकर आदेशों की अवहेलना, सुबह दल-बल के साथ हटाया कब्जा।

बैतूल। मुलताई में सूर्यपुत्री मां ताप्ती नदी के पवित्र उद्गम स्थल और प्रवाह मार्ग पर बढ़ते अतिक्रमण को लेकर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए कब्जा हटा दिया। इस मुद्दे को लेकर ताप्ती भक्तों और स्थानीय नागरिकों में पहले से ही आक्रोश बना हुआ था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ताप्ती नदी के प्रवाह मार्ग से संबंधित खसरा नंबर 242 (पुराना) के विभाजन के बाद खसरा नंबर 568 पर बड़े स्तर पर अतिक्रमण किया गया था। मामले की जानकारी मिलते ही ताप्ती भक्तों ने तहसीलदार और अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) मुलताई को लिखित और मौखिक शिकायत की।
प्रशासन ने गंभीरता को देखते हुए मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण पर रोक लगाते हुए स्थगन आदेश जारी किए थे, लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमणकारियों ने रात्रि में टिन शेड बनाकर अवैध निर्माण कर लिया, जिससे आदेशों की अवहेलना सामने आई।
इसके बाद आज बुधवार सुबह 11 बजे राजस्व विभाग और नगरपालिका के संयुक्त दल ने मौके पर पहुंचकर पुनः सीमांकन किया और ताप्ती नदी की वास्तविक सीमा निर्धारित करते हुए अतिक्रमण को तत्काल प्रभाव से हटा दिया। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमण में प्रयुक्त सामग्री जब्त कर पंचनामा भी तैयार किया गया।
कार्रवाई के बाद ताप्ती भक्तों ने प्रशासन के कदम का स्वागत किया, लेकिन साथ ही मांग उठाई कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था बनाई जाए। भक्तों ने माँ ताप्ती नदी के उद्गम स्थल, प्रवाह मार्ग, मंदिरों और सरोवर के संरक्षण व विकास के लिए समग्र योजना तैयार करने की भी मांग की है।
इसके साथ ही मां ताप्ती लोक न्यास के गठन की मांग भी रखी गई, ताकि प्राचीन मंदिरों, भूमि और नदी क्षेत्र का समुचित प्रबंधन किया जा सके। ताप्ती भक्तों ने चेतावनी दी है कि यदि अतिक्रमण पर स्थायी रोक और विकास कार्य जल्द शुरू नहीं किए गए तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।




