The talk of displacement of 11 villages of Shahpur block is baseless: शाहपुर ब्लॉक के 11 गांवों के विस्थापन की बात निराधार
प्रूफ रेंज पर फैली अफवाहों को कलेक्टर ने किया खारिज

बैतूल। अनुसूचित क्षेत्रों में प्रूफ रेंज विस्तार और शाहपुर ब्लॉक के 11 गांवों के विस्थापन को लेकर पिछले दिनों फैली चर्चाओं और विरोध प्रदर्शनों पर कलेक्टर, नरेंद्र सुर्यवंशी ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। कलेक्टर ने कहा कि प्रूफ रेंज जैसी कोई भी योजना उनके संज्ञान में नहीं है। न तो उन्हें रक्षा मंत्रालय से और न ही किसी अन्य विभाग से इस संबंध में कोई पत्र प्राप्त हुआ है।
गौरतलब है कि बीते दिनों चिचोली, शाहपुर और घोड़ाडोंगरी क्षेत्र के लगभग 500 से अधिक ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रूफ रेंज विस्तार का विरोध किया था और महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा था। ग्रामीणों का कहना था कि शाहपुर ब्लॉक के कई गांव विस्थापन की जद में आ सकते हैं। इसके बाद सोमवार 1 सितंबर को ग्रामीणों का एक प्रतिनिधि मंडल युवा नेता, समाजसेवी कमलेश यादव के नेतृत्व में कलेक्टर से मिला, जहां कलेक्टर ने स्वयं स्थिति स्पष्ट की।
कमलेश यादव ने बताया कि मुलाकात के दौरान कलेक्टर श्री सुर्यवंशी ने जनता से अपील करते हुए कहा कि इस विषय को लेकर जो अफवाहें फैलाई जा रही हैं, उन पर ध्यान न दें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बैतूल जिले में प्रूफ रेंज जैसी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। यदि भविष्य में इस संबंध में कोई प्रस्ताव आता है तो उसकी जानकारी प्रशासनिक स्तर पर औपचारिक रूप से दी जाएगी। कलेक्टर के इस आश्वासन से ग्रामीणों में काफी हद तक राहत महसूस की गई है। हालांकि ग्रामीणों ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में इस तरह की कोई कोशिश होती है तो वे लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से उसका विरोध करेंगे।




