ग्राम गारगुड में शासकीय जमीन पर कब्जे का आरोप, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की शिकायत।
ग्रामवासियों ने कहा, अभी नहीं रोका तो विकास कार्यों के लिए जमीन पड़ेगी कम । हनुमान मंदिर के सामने शासकीय भूमि पर पक्का निर्माण।

बैतूल। आठनेर तहसील के ग्राम गारगुड में शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। समस्त ग्रामवासियों ने सामूहिक रूप से कलेक्टर से शिकायत कर आरोप लगाया है कि अनावेदक संतोष मर्सकोले एवं मानसिंह कुमर दोनों निवासी ग्राम गारगुड शासकीय भूमि पर पक्का मकान निर्माण कर रहे हैं। ग्रामीणों ने तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्य रुकवाने और दोषियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में बताया गया है कि संतोष मर्सकोले द्वारा ग्राम के हनुमान मंदिर के सामने वन विभाग की भूमि से लगी हुई शासकीय भूमि को अपनी बताकर सादे कागज पर लिखापढ़ी कर मानसिंह कुमरे को विक्रय किया गया। इसके बाद मानसिंह कुमरे द्वारा उक्त भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर वैध मकान निर्माण का प्रयास शुरू कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें कई बार समझाया गया, परंतु दोनों आरोपियों ने ग्रामवासियों की बात नहीं मानी और ग्राम पंचायत के निर्णयों को भी मानने से इंकार कर दिया।
ग्राम पंचायत द्वारा 24 अप्रैल 2025 को तहसीलदार आठनेर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया गया था, जिसके आधार पर हल्का पटवारी ने मौके पर पहुंचकर भूमि की नाप की और स्पष्ट बताया कि संबंधित भूमि शासकीय है, जिस पर किसी प्रकार का निर्माण नहीं किया जा सकता। इसके बाद निर्माण कार्य लगभग एक वर्ष तक बंद रहा।
हालांकि ग्रामीणों के अनुसार अब पुनः निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इस संबंध में ग्रामवासियों ने 25 फरवरी को दोबारा तहसीलदार आठनेर से शिकायत की, लेकिन अब तक हल्का पटवारी मौके पर नहीं पहुंचा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इसी का लाभ उठाकर तेजी से निर्माण कराया जा रहा है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो शासकीय भूमि पर स्थायी निर्माण हो जाएगा, जिससे भविष्य में विकास कार्यों के लिए भूमि की कमी उत्पन्न होगी। शिकायतकर्ताओं में सकाराम, मंसाराम, रामप्रसाद, रमेश, राजेश, संजय, कुंजीलाल, झामलाल, आकाश, बंसीलाल, मंसाराम, रमेश, संजू और आनंद राव सहित समस्त ग्रामवासी शामिल हैं। उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि अवैध निर्माण तत्काल रोका जाए और शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने वालों को दंडित किया जाए।




