Betul news: टैक्स भुगतान न करने पर होगी कुर्की की कार्यवाही

जनपद पंचायत बैतूल में राजस्व अधिकारियों की बैठक, जनता से समय पर टैक्स भरने की अपील

Betul news: बैतूल। जनपद पंचायत बैतूल के सभाकक्ष में शनिवार, 23 नवंबर को राजस्व अधिकारी-कर्मचारियों की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए व्यापक राजस्व वसूली अभियान पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय में टैक्स जमा नहीं किया गया, तो नियमों के तहत कुर्की की कार्यवाही की जाएगी। बैठक एसडीएम राजीव कहार की अध्यक्षता में आयोजित हुई।।जिसमें नायब तहसीलदार श्यामसिंह उईके, राजकुमार उईके, तहसीलदार ऋचा कौरव उपस्थित रहीं। बैठक में प्रशासन ने जनता से अपील की कि वे नजूल टैक्स, डायवर्सन टैक्स का भुगतान शीघ्र करें, ताकि कुर्की जैसी कड़ी कार्यवाही से बचा जा सके। अधिकारियों ने बताया कि विलंब से भुगतान करने पर जुर्माना ब्याज भी देना होगा।।पहले 12 महीनों के लिए 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज। 12 महीने के बाद 15 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज लागू होगा।

इसलिए नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे अपने हल्का पटवारी, राजस्व निरीक्षक, नजूल विभाग, डायवर्सन या तहसील कार्यालय से संपर्क कर समय पर अपने टैक्स जमा करें। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। जनता का सहयोग इसमें बेहद आवश्यक है। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि जो लोग समय पर टैक्स जमा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कुर्की की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। इसके तहत संपत्ति जब्त करने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।।बैठक में राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। इसमें क्षेत्रीय हल्का पटवारी, राजस्व निरीक्षक, और संबंधित तहसील अधिकारियों ने अभियान को सफल बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

15 दिसंबर तक चलेगा अभियान

राजस्व विभाग द्वारा 15 नवंबर से 15 दिसंबर 2024 तक राजस्व महाअभियान 3.0 का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, यह अभियान राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों जैसे नामांतरण, बंटवारा, अभिलेख दुरुस्ती और सीमांकन के त्वरित निराकरण के लिए चलाया जाएगा। साथ ही नए प्रकरण पर दर्ज करना, नक्शे पर तरमीम, पीएम किसान योजना का सैचुरेशन, आधार को आरओआर से लिंक करना, परंपरागत रास्तों का चिन्हांकन, किसान रजिस्ट्री, और स्वामित्व योजना का क्रियान्वयन भी इस अभियान के मुख्य उद्देश्य हैं। इसके तहत राजस्व अभिलेखों की त्रुटियां ठीक करने और लंबित मामलों को तेजी से हल करने पर जोर दिया जाएगा।

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