महर्षि सांदीपनि के आदर्शों से परिचित हुए विद्यार्थी 

शासकीय विधि महाविद्यालय में महर्षि सांदीपनि गुरु पर्व का हुआ आयोजन

बैतूल। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयुक्त, उच्च शिक्षा मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार शासकीय विधि महाविद्यालय, बैतूल में बुधवार 29 जुलाई को महर्षि सांदीपनि गुरु पर्व का गरिमामय आयोजन किया गया।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. हर्षवर्धन यादव ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। गुरु शिक्षा देने के साथ ही व्यक्तित्व निर्माण, नैतिक मूल्यों के संवाहक और समाज के सच्चे पथप्रदर्शक होते हैं। उन्होंने महर्षि सांदीपनि के जीवन एवं आदर्शों का उल्लेख करते हुए बताया कि उनके गुरुकुल में भगवान श्रीकृष्ण, बलराम और सुदामा ने शिक्षा प्राप्त की थी। महर्षि सांदीपनि ने शिक्षा को ज्ञानार्जन तक सीमित नहीं रखा, अनुशासन, सेवा, कर्तव्यपरायणता और चरित्र निर्माण से जोड़ा। उन्होंने विद्यार्थियों से विधि शिक्षा के माध्यम से न्याय, सत्यनिष्ठा, संवैधानिक मूल्यों तथा मानवीय संवेदनाओं को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया।

सहायक प्राध्यापक अजय सिंह सिरसाम ने अपने प्रेरणादायी संघर्षपूर्ण जीवन-प्रवास को विद्यार्थियों के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर परिश्रम, आत्मविश्वास, धैर्य और दृढ़ संकल्प के बल पर सफलता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को असफलताओं से निराश होने के बजाय उन्हें सीख के रूप में स्वीकार कर लक्ष्य की ओर सतत प्रयासरत रहने का संदेश दिया।

कार्यक्रम का संचालन विभागाध्यक्ष डॉ. चंद्रशीला यादव ने किया। अंत में सहायक प्राध्यापक डॉ. वीणा चिरोंजे डेहरिया ने अतिथियों, प्राध्यापकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में ग्रंथपाल डॉ. रजनी मर्सकोले, सहायक प्राध्यापक डॉ. वंदना राहुल, क्रीड़ा अधिकारी डॉ. रूपेश जितपुरे सहित महाविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। राष्ट्रगान और सामूहिक छायाचित्र के साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

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