जिला पंचायत सदस्य उर्मिला गव्हाड़े ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के खिलाफ कलेक्टर से की शिकायत, 370 लाख की सड़क के भूमिपूजन में महिला जनप्रतिनिधि को आमंत्रित नहीं करने के मामले ने पकड़ा तूल

आरोप- पीडब्ल्यूडी ने जिला पंचायत सदस्य को न तो कार्यक्रम की सूचना दी और न ही शिलान्यास पत्थर पर उनका नाम अंकित किया

बैतूल। जिला पंचायत सदस्य उर्मिला गव्हाड़े ने डोहलन से बिहरगांव मार्ग के निर्माण कार्य में शिलान्यास पत्थर से अपना नाम हटा देने पर नाराजगी जताते हुए पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के खिलाफ कलेक्टर से शिकायत की है। उर्मिला गव्हाड़े ने इसे एक महिला जनप्रतिनिधि के साथ पूरे क्षेत्र की जनता का अपमान बताया है।

उन्होंने बताया कि उनके जिला पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत डोहलन से बिहरगांव तक 3.5 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण 370.66 लाख रुपए की लागत से होना है। इस सड़क का भूमि पूजन सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री डी.डी. उइके के मुख्य अतिथ्य में संपन्न हुआ। लेकिन आश्चर्य की बात यह रही कि निर्माण कार्य कराने वाले विभाग मध्यप्रदेश शासन के पीडब्ल्यूडी ने जिला पंचायत सदस्य को न तो कार्यक्रम की सूचना दी और न ही शिलान्यास पत्थर पर उनका नाम अंकित किया।

उर्मिला गव्हाड़े ने कहा कि मैं महिला और पिछड़ा वर्ग की जनप्रतिनिधि हूं। मेरे अधिकार क्षेत्र में आने वाले इस सरकारी कार्य के शिलान्यास में न तो मुझे बुलाया गया और न ही पत्थर पर मेरा नाम लिखा गया। यह महिला सशक्तिकरण की सोच रखने वाली सरकार की नीति का भी अपमान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री लगातार कहते हैं कि महिलाओं का सम्मान हो, उन्हें बराबरी की भागीदारी मिले, लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी अपने मनमाने तरीके से नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।

– विभाग ने किया प्रोटोकॉल का उल्लंघन 

उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग ने प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है, क्योंकि शासकीय भूमिपूजन में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि का नाम शिलान्यास पत्थर पर लिखना अनिवार्य होता है। विभाग ने मेरी उपेक्षा कर नियम तोड़ा और जनता द्वारा चुनी गई महिला जनप्रतिनिधि का भी अपमान किया।

उन्होंने यह भी बताया कि हैरानी की बात यह रही कि शिलान्यास पत्थर पर पूर्व सरपंचों के नाम तो लिखे गए, लेकिन क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्य का नाम नहीं जोड़ा गया। यह प्रशासनिक असंवेदनशीलता और महिला प्रतिनिधियों के प्रति भेदभाव का स्पष्ट उदाहरण है।

– जवाबदार अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग

इस मामले में उर्मिला गव्हाड़े ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए लोक निर्माण विभाग के जवाबदार अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा महिला जनप्रतिनिधियों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा का है। उन्होंने इस मामले में दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की ताकि भविष्य में किसी भी महिला जनप्रतिनिधि के साथ इस तरह का व्यवहार दोबारा न हो।

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