Grand unveiling of the book ‘Seeds’: अखंड भारत के स्वतंत्रता दिवस पर पुस्तक ‘सीड्स’ का भव्य अनावरण
वाइस चांसलर और सीईओ सहित 4 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं कार्यक्रम में हुए शामिल

बैतूल। मेरठ के स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय में 21 अक्टूबर को अखंड भारत के स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन धूमधाम से किया गया। इस विशेष अवसर पर डॉ. नवीन वागद्रे और डॉ. मलय जायसवाल की पुस्तक सीड्स सेहत और जीवन का संगम का भव्य विमोचन किया गया। यह कार्यक्रम मांगल्य प्रेक्षागृह में संपन्न हुआ, जिसमें सेना के उच्च अधिकारी, प्रमुख राजनेता, वाइस चांसलर और सीईओ सहित 4 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं और शिक्षक उपस्थित थे।
यह पुस्तक चिया सीड्स, पम्पकिन सीड्स, फ्लैक्स सीड्स जैसे विभिन्न बीजों के पोषण और औषधीय गुणों पर गहन जानकारी प्रदान करती है। इसमें बीजों के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य लाभ और उन्हें दैनिक जीवन में शामिल करने के व्यावहारिक तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई है। यह पुस्तक पहले ही स्वास्थ्यप्रेमियों के बीच लोकप्रिय हो रही है और अब यह अमेज़न पर भी उपलब्ध है, जिससे इसे और अधिक पाठकों तक पहुचने का अवसर मिल रहा है। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष और नर्मदापुरम सांसद दर्शन सिंह चौधरी एवं बैतूल से सांसद एवं राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने विशेष आशीर्वाद पत्र भेजकर डॉ. नवीन वागद्रे और डॉ. मलय जायसवाल को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर बधाई दी। उनकी शुभकामनाओं ने इस पुस्तक की महत्ता को और बढ़ा दिया है, जिससे यह चिकित्सा क्षेत्र के साथ-साथ समाज के अन्य हिस्सों में भी व्यापक सराहना प्राप्त कर रही है।
अध्ययन के दौरान लिखी गई पुस्तक
डॉ. नवीन वागद्रे बैतूल के छोटे से गांव गुजरमाल से हैं। इस पुस्तक को अपने अध्ययन के दौरान लिखा। उनका यह समर्पण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास इस पुस्तक के माध्यम से स्पष्ट रूप से झलकता है। इस पुस्तक में बताए गए सुझाव विशेष रूप से उन लोगों के लिए अत्यंत लाभदायक हैं, जो अपने आहार में प्राकृतिक और पौष्टिक तत्वों को शामिल करना चाहते हैं।
अखंड भारत का स्वतंत्रता दिवस भी मनाया
इस भव्य पुस्तक विमोचन के साथ-साथ, सुभारती विश्वविद्यालय में अखंड भारत का स्वतंत्रता दिवस भी बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस कार्यक्रम में मेजर जनरल बी. डी. वाधवा (सेवानिवृत्त), श्री पी. एल. मेहता और प्रोफेसर एम. एल. बी. भट्ट ने स्वतंत्रता और अखंड भारत की महत्ता पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम के अदम्य साहस का स्मरण किया गया और अखंड भारत की भावना को प्रबल बनाने का संदेश दिया गया।




