391 अखंड ज्योत प्रज्ज्वलन के साथ बीजासनी मंदिर में प्रारंभ हुआ चैत्र नवरात्र महोत्सव।
सनातन आस्था एवं भक्ति का केंद्र है बीजासनी मंदिर । ज्योत एवं जवारों की सेवा में रहती है नियम पवित्रता एवं भक्ति की प्रधानता।

प्रतिदिन सायंकालीन महाआरती होगी शाम 7.30 बजे । दुर्गासप्तशती का हवन होगा 26 मार्च दोपहर 12.00 बजे । भंडारा प्रसादी 27 मार्च दोपहर 12 बजे से।
बैतूल। बैतूल गंज स्थित बीजासनी माता मंदिर में 19 मार्च 2026 से चैत्र नवरात्र महोत्सव धूमधाम से प्रारंभ हुआ। मंत्रोच्चार के साथ पृथ्वी पूजन, गौरी गणेश पूजन एवं शिव परिवार का पूजन किया गया, स्वस्तिवाचन किया गया, बीजासनी माता के चरणों की स्तुति तथा मंत्रोच्चार के साथ 391 अखंड ज्योत भक्तों द्वारा प्रज्ज्वलित की गई जिसमें घी एवं तेल की ज्योत शामिल हैं।
ज्योत प्रज्ज्वलन के उपरांत विधिविधान से पूजन कर घट स्थापना की गई। इस दौरान देवी देवताओं, नवग्रह देवता, नवदुर्गा माता, ईष्ट देवता, ईष्ट देवी, कुलदेवता, कुलदेवी सप्तमातृका माता, सप्तघृत माता, षोडश मातृका माता, चौसठ योगिनी माता, पितृदेवता, ग्राम देवता, गुरु देवता, गौरी गणेश जी, शिव परिवार, लक्ष्मी नारायण भगवान, ब्रह्मा जी, सावित्री माता, गायत्री माता, सुर्यनारायण देवता, काल भैरव देवता सबका आव्हान करके उपस्थित श्रद्धालुओं के द्वारा मां के चरणों में प्रार्थना करवा कर नारियल की भेंट चढ़ाकर मनोकामना पूरी करने हेतु अर्जी लगाई गई जिसके पश्चात माता का आव्हान कर समस्त देवी देवताओं को भोग लगाया गया , आरती की गई। क्षमा प्रार्थना कर प्रसाद वितरित किया गया। मंदिर संस्थापक एवं समिति अध्यक्ष पंडित दीपक शर्मा ने बताया कि प्रतिदिन शाम 7.30 पर महाआरती होगी जिसके पश्चात महाप्रसाद वितरित होगा। दिनांक 26 मार्च को दोपहर 12 बजे दुर्गासप्तशती का हवन होगा, 27 मार्च को दोपहर 12 बजे से भंडारा होगा एवं 28 मार्च को खेड़ी ताप्ती जी घाट पर घट विसर्जित किए जाएंगे। समिति ने सभी धर्मप्रेमियों से मंदिर के कार्यक्रमों में शामिल होने की अपील की है।




