राष्ट्रीय हिंदू सेना का बैतूल नगर में विस्तार, युवा टीम घोषित
बैतूल के पांच वार्डों में राष्ट्रीय हिंदू सेना का संगठनात्मक विस्तार

बैतूल नगर दायित्वों की हुईं घोषणा, युवा इकाई को किया मजबूत
बैतूल।
राष्ट्रीय हिंदू सेना ने बैतूल नगर में संगठनात्मक विस्तार करते हुए नगर और वार्ड स्तर के दायित्वों की घोषणा की। इस दौरान दर्जनों युवाओं ने संगठन की सदस्यता ग्रहण की और बैतूल नगर के 5 वार्डों में संगठन का विस्तार किया गया।
राष्ट्रीय हिंदू सेना की नगर बैठक संगठन कार्यालय में आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष दीपक मालवीय, प्रदेश संयोजक पवन मालवीय, प्रांत सह संगठन मंत्री शुभम इंगले, जिला संयोजक लतेंद्र यादव, वरिष्ठ सहयोगी गोलू उघड़े और प्रखंड अध्यक्ष देवेंद्र चौरसिया मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान संगठन का विस्तार करते हुए दर्जन भर युवा साथियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। प्रदेश अध्यक्ष दीपक मालवीय द्वारा जिला अध्यक्ष अनुज राठौर की सहमति से नगर और वार्ड स्तर की घोषणाएं की गईं।
– नगर और वार्ड स्तर पर हुईं नियुक्तियां
घोषणाओं में दिपू उइके को नगर युवा अध्यक्ष, लोकेश धुर्वे को नगर युवा संयोजक, करण उइके को नगर युवा महामंत्री, ललित धुर्वे को वार्ड अध्यक्ष, विक्रम धुर्वे को वार्ड महामंत्री, अतुल आहके को नगर युवा गौ रक्षा प्रमुख, अविनाश उइके को वार्ड सचिव, अजय पारखे को नगर युवा मठ मंदिर प्रमुख, विरेंद्र पारखे को वार्ड सह संयोजक, अजय धुर्वे को वार्ड समन्वयक प्रमुख, कुनाल उइके को वार्ड महामंत्री और विशाल अतुलकर को सह गौ रक्षा प्रमुख नियुक्त किया गया। बैठक में संगठन के सदस्य सत्यम विश्वकर्मा, श्रीराम यादव और अभय चौहान भी उपस्थित रहे।
– हिंदू युवाओं को संगठित करने किया प्रेरित
वरिष्ठ सहयोगी गोलू उघड़े ने कहा कि राष्ट्रीय हिंदू सेना का उद्देश्य हिंदू युवाओं को संगठित, सशक्त और हिंदू धर्म की विचारधाराओं से जोड़ना है, ताकि युवा समाज में जनजागृति स्थापित कर सकें।
जिला संयोजक लतेंद्र यादव ने बताया कि संगठन का लक्ष्य गौ सेवा और गौ रक्षा, धर्म परिवर्तन से बचाव, हिंदू बहनों को लव जिहाद से बचाना, रक्तदान के लिए युवाओं को प्रेरित करना, सामाजिक कार्यों में सहभागिता, मठ मंदिरों में भजन कीर्तन, धार्मिक आयोजनों में भागीदारी, गौ शालाओं का निर्माण, घायल गायों व गोवंश का निशुल्क इलाज और देखभाल, हिंदू त्योहारों को बढ़ावा देना तथा महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि पर कार्यक्रम आयोजित करना है।




