Betul news: ड्राइवरों को 40 हजार वेतन, 1 करोड़ बीमा दे, इसके बाद काला कानून लागू करें सरकार: गोलू सोनी

भारतीय वाहन खरीदी बिक्री संगठन ने हिट एंड रन केस को लेकर सरकार को घेरा

Betul news: बैतूल। भारतीय वाहन खरीदी बिक्री संगठन ने हिट एंड रन केस को लेकर केंद्र सरकार सरकार के नए कानून का विरोध किया। संगठन के जिला अध्यक्ष गोलू सोनी ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ड्राइवर को प्रतिमाह 40 हजार वेतन और 1 करोड़ का बीमा दे, इसके बाद काला कानून लागू करें।

गोलू सोनी ने बताया कि नए साल से लागू होने वाले प्रविधान को लेकर ट्रांसपोर्ट उद्योग से जुड़े लोग परेशान हैं। ट्रांसपोर्टरों की परेशानी यह है कि इस कानून के कारण ड्राइवर काम छोड़ रहे हैं। पहले से ही ड्राइवरों की कमी से जुझ रहे उद्योग पर नए कानून के बाद ड्राइवर का संकट आने वाला है। उन्होंने बताया आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने भी नए हिट एंड रन कानून के विरोध में आंदोलन की चेतावनी दी है। सोनी ने बताया कि हिट एंड रन केस को लेकर केंद्र सरकार नया कानून लाई है। इसके दो प्रविधानों को लेकर ट्रांसपोर्टरों ने विरोध शुरू कर दिया है। वर्तमान प्रविधान में ड्राइवर की थाने से जमानत हो जाती है और अधिकतम दो साल की सजा है। संशोधित कानून में वाहन ड्राइवर को अधिकतम दस साल की सजा और सात लाख जुर्माने का प्रविधान किया गया है।

 ट्रांसपोर्ट सेक्टर में आएगी भयंकर त्रासदी

नए कानून के कारण देश की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देने वाले ट्रक ड्राइवर आशंकित हैं। ड्राइवरों ने गाड़ियां चलाने से मना करना शुरू कर दिया है। इससे आने वाले वर्षों में ट्रांसपोर्ट सेक्टर बिना ड्राइवर के खत्म हो जाएगा। गोलू सोनी ने बताया कि ड्राइवर हादसा होने के बाद मोटर छोडकर नहीं जाते हैं, लेकिन भीड़ से बचने के लिए ट्रक छोड़कर जाना पड़ता है। ड्राइवर जानबूझकर एक्सीडेंट नहीं करता है। ड्राइवर 10 से 15000 वेतन में काम करते हैं। कम वेतन में ही उन्हें परिवार चलाना पड़ता है। नियम लागू करने के पहले ड्राइवरों को निर्धारित वेतन केंद्र सरकार की ओर से दिया जाए, इसके बाद इस नियम को लागू किया जाए।

गोलू सोनी ने मांग की है कि केंद्र सरकार ड्राइवर को प्रति माह 40 हजार वेतन दे, क्योंकि मोटर मालिक 10 हजार से ज्यादा वेतन नहीं देता है। केंद्र सरकार हर ड्राइवर को अपनी तरफ से एक करोड़ का बीमा दे। उसके बाद यह काला कानून लागू किया जाए। सोनी ने भाजपा के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा सत्ता में रहकर भाजपा जन विरोधी नीतियों को लागू करती है, भाजपा नेताओं को यह नहीं पता है कि कम वेतन में ड्राइवर जैसे तैसे अपने परिवार का पालन पोषण करता है, इतने कम वेतन में बच्चों की पढ़ाई भी नहीं हो पाती है। इसके बावजूद सरकार गरीब ड्राइवरों के खिलाफ में कानून बना रही है।

ड्राइवर जानबूझकर नहीं करते एक्सीडेंट

दरअसल, सरकार द्वारा किए गए संशोधन के तहत सड़क हादसे के बाद मौके से भागने वाले चालक को 10 साल की सजा और 7 लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान किया जा रहा है। ड्राइवरों की मांग है कि सरकार इस काले कानून को वापस ले। ऐसा नहीं होने पर ड्राइवर स्टेयरिंग छोड़ हड़ताल करने मजबूर होंगे। ड्राइवरों के अनुसार एक्सीडेंट की घटना ड्रायवर कभी भी जानबूझकर नहीं करते हैं।

कई बार जान तक ले लेती है भीड़

ड्राइवरों ने बताया कि घटना के बाद मौके से नहीं भागे तो जमा हुई भीड़ ड्राइवरों को मारपीट करने सहित कई बार जान तक ले लेती है। वहीं दूसरी ओर सरकार द्वारा जो जुर्माना और सजा का प्रावधान किया है वह गरीब ड्राइवर कहां से भरेंगे और दस सालों की सजा होने पर परिवार का भरण पोषण कैसे होगा। भारतीय वाहन खरीदी बिक्री संगठन ने सामूहिक रूप से नए कानून में संशोधन करने की मांग की है।

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