Traffic Jam In Badora : कलेक्टर साहब दिन में जिस रास्ते से गए उस पर शाम होते ही लग जाता है जाम
बडोरा में अतिक्रमण हटाने के बाद दुकानों के सामने फिर से लग गए शेड

Traffic Jam In Badora : नासूर बन गए बैतूल से बडोरा चौक तक की सड़क पर लगने वाले जाम से लोगाें को कुछ दिन ही राहत मिली लेकिन अब फिर से पुराने दिन लौट आए हैं। हर दिन जाम लगने की परेशानी से हजारों लोग जूझ रहे हैं और वे नेता, प्रशासनिक अधिकारियों को कोसते जरूर हैं। नासूर बनी समस्या को बैतूल जिले में पदस्थ होने के कुछ दिन बाद ही कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने भांप लिया था और पैदल पूरे रास्ते का भ्रमण कर बुलडोजर चलवाकर अतिक्रमण हटवा दिया था। अतिक्रमण हटने के बाद जनता ने कलेक्टर की कार्यप्रणाली की खूब सराहना की थी लेकिन कुछ दिन बाद ही स्थिति जस की तस हो गई।
शनिवार को संवेदनशील कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी इसी रास्ते से मंडी पहुंचे थे। मंडी की समस्याओं पर उन्होंने जिम्मेदारों को खूब फटकार भी लगाई। मंडी की व्यवस्थाओं में बदलाव आएगा या नहीं यह तो पता नहीं लेकिन मंडी में उपज बेचने के बाद शाम को जब अपने घर जाने के लिए किसान मंडी से बाहर निकले तो उन्हें बडोरा चौक पर जाम मिल गया। किसान ट्रैक्टर लेकर करीब आधे घंटे तक परेशान होते रहे। मार्ग से गुजरने वाली यात्री बसें, स्थानीय लाेग भी जाम में फंसकर जिम्मेदारों की आंखें बंद होने पर कटाक्ष करते रहे। स्थानीय लोगों की मानें तो यह समस्या एक दिन की नहीं है बल्कि हर दिन ही शाम पांच बजे से रात्रि नौ बजे तक बडोरा चौक पर जाम लगता रहता है।
काश कलेक्टर साहब कभी शाम के वक्त चौक से गुजरें
बडोरा चौक से हर दिन जाम में फंसने की परेशानी भुगतने वाले लोगाें का कहना है कि संवेदनशील कलेक्टर एक बार शाम के वक्त बडोरा चौक तक जरूर गुजरें ताकि उन्हें अहसास हो जाए कि जिस अमले को उन्होंने अतिक्रमण हटाने और उसके बाद व्यवस्था बनाने की जिम्मेदारी दी थी वह आदेश का कितना पालन कर रहा है। आखिर कोई तो ऐसी व्यवस्था बनानी होगी जिससे जाम लगने की समस्या का स्थायी निदान हो सके।

सड़क पर रखकर बेचा जा रहा लोहा
बडोरा चौराहे पर पुलिस चौकी के सामने ही एक कारोबारी सड़क पर लोहा रखकर जाम लगाने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। सड़क पर ही लोहा रखा गया है और उसकी तुलाई और भराई करने के लिए वाहन भी सड़क पर ही खड़े कर दिए जाते हैं। इससे हर पल जाम लग रहा है। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने तौल कांटा भी हटवा दिया था लेकिन वह फिर से स्थापित कर दिया गया और किसी जिम्मेदार ने नजर तक नहीं डाली।



