राजस्थानी थीम पर सजा बेस्ट मॉम ग्लो कार्यक्रम
संस्कृति और सम्मान की मिसाल बना श्री अग्रसेन महाराज विद्यालय का मातृशक्ति कार्यक्रम

बैतूल। श्री अग्रसेन महाराज विद्यालय गंज बैतूल में दिनांक 30 दिसंबर को मातृशक्ति के सम्मान में बेस्ट मॉम ग्लो सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन राजस्थानी थीम पर किया गया। इस विशेष आयोजन का मुख्य उद्देश्य मातृशक्ति के त्याग, प्रेम और समर्पण को सम्मान देते हुए सांस्कृतिक प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना रहा। पूरे विद्यालय परिसर को राजस्थानी संस्कृति के रंगों से सजाया गया, जिससे कार्यक्रम पूरी तरह पारंपरिक वातावरण में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय प्रांगण में विद्यार्थियों एवं माताओं द्वारा मधुर गीतों पर आकर्षक प्रस्तुतिया दी गईं। छात्र-छात्राओं ने सामूहिक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। इसके साथ ही विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं माताएं राजस्थानी परिधान में सजी नजर आईं, जिससे कार्यक्रम की भव्यता और बढ़ गई। पूरा आयोजन राजस्थानी संस्कृति, लोकगीत और लोकनृत्य पर आधारित रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ अग्रसेन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर अनिल राठौर, डॉ ओ.पी. राठौर, डॉ रिशांक राठौर, श्रीमती निशा राठौर एवं श्रीमती माला राठौर की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर संस्था के प्राचार्य श्री सुरेश चढ़ोकार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डायरेक्टर अनिल राठौर ने कहा कि नारी शक्ति समाज के लिए प्रेरणा और मातृत्व का मूल स्रोत है। डॉ ओ.पी. राठौर ने अपने उद्बोधन में कहा कि माँ अपने बच्चों और परिवार के लिए ढाल बनकर रहती है, इसी कारण नारी को समाज में हर अधिकार प्राप्त होता है। श्रीमती निशा राठौर एवं श्रीमती माला राठौर ने संस्था द्वारा नारी सम्मान की इस पहल के लिए आभार व्यक्त किया। डॉ रिशांक राठौर ने महिलाओं के सम्मान में विद्यालय द्वारा की गई इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए बच्चों एवं अभिभावकों को शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के दौरान राजस्थानी थीम पर आधारित सेल्फी पॉइंट विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जहां माताओं ने उत्साहपूर्वक फोटो खिंचवाए। साथ ही माताओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेकर आयोजन को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम के अंत में संस्था के प्राचार्य सुरेश चढ़ोकार ने उपस्थित सभी अभिभावकों, माताओं एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में संस्कृति के प्रति सम्मान और मातृशक्ति के महत्व को समझने में सहायक होते हैं।






