politicle news: चुनाव को लेकर चर्चा और चकल्लस का दौर जारी, हार जीत पर लगने लगे दाव

किस करवट बैठेगा ऊंट पशोपेश में राजनीतिक पंडित, चाय की टपरियों में अपने-अपने आंकड़े बताकर कर रहे जीत का दावा-प्रतिदावा, धोखे व भीतरघात की भी खबरें आ रही सामने 

बैतूल। विधानसभा चुनाव खत्म हो गया हैं, लेकिन अभी भी चुनाव को लेकर चर्चा और चकल्लस का दौर जारी है। चुनाव होने के बाद हार-जीत को लेकर जिले के पांचो विधानसभा क्षेत्र में सटोरिए भी सक्रिय हो गए हैं। विधानसभा मतदान के बाद अब जीत-हार के कयास लगने शुरू हो गए हैं और इसके साथ ही प्रत्याशियों पर दांव भी लगने लगे हैं। चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार व राजनीतिक दल अपने समर्थकों से क्षेत्रवार मतदान व वोटों के आंकड़ों को जुटाने में लग गए हैं, तो कहीं धोखे व पाला बदलने की भी खबरें सामने आ रही है।

होटल, पान दुकान, सार्वजनिक चौक- चौराहों, चाय की टपरियों में अब पार्टियों के कार्यकर्ता के साथ-साथ चुनाव में दिलचस्पी रखने वाले लोग भी अपने-अपने आंकड़े बताकर जीत का दावा-प्रतिदावा कर रहे हैं। जीत-हार के दावों के बीच अब कोई शर्त लगाने की भी चुनौती दे रहा है। एक ओर कांग्रेस के समर्थक जीत के आंकड़े गिना रहे हैं तो दूसरी ओर बीजेपी के समर्थक केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के बल पर जीत के लिए आश्वस्त हैं। बैतूल, मुलताई, आमला विधानसभा सीट पर मुख्य मुकाबला कांग्रेस व बीजेपी के बीच होने से दोनों ही दल के समर्थक अपनी-अपनी जीत का भी दावा करने लगे हैं।

प्रदेश में किसकी सरकार बनेगी इस पर भी हो रहा मोल भाव

कौन जीतेगा, कौन हारेगा और कौन रहेगा दूसरे नम्बर पर, किसका दबदबा रहेगा तथा जीत-हार में कितना अंतर होगा। प्रदेश में किसकी सरकार बनेगी तथा किस पार्टी को कितनी सीटें मिलेंगी, इस पर भी सटोरिए मोल-भाव कर रहे हैं। सटोरियों के द्वारा लाखों का दांव स्थानीय प्रत्याशियों की हार-जीत पर नहीं, बल्कि प्रदेश में सरकार बनने और किस पार्टी की कितनी सीटें आ रही हैं इस पर भी लग रहा है। शांतिपूर्ण संपन्न हुए चुनाव के बाद अब सभी के जुबान में हार-जीत की समीक्षा का दौर तेजी से शुरू हो गया है। वहीं राजनीतिक पंडित भी अपना गुणा-भाग कर चुनावों के परिणाम निकालने लगे हैं और जीत का सेहरा किसके सिर बंधेगा, इस पर भी हर घंटे लोगों के दावे बदलने लगे हैं। दूसरी ओर मतदाताओं की चुप्पी ने भी प्रत्याशियों व राजनीतिक दलों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। जीत व हार के मंथन के बीच दावों को लेकर लोगों की तकरारें भी बढ़ गई है और बातों ही बातों में लोगों के सुर भी तेज होते जा रहे हैं। जीत पर अड़े रहने के कारण दावे को लेकर तल्खियाँ भी बढ़ गई है।

किस करवट बैठेगा ऊंट पशोपेश में राजनीतिक पंडित

विधानसभा चुनाव में भारी मतदान से राजनीतिक गलियारों की चर्चाएं तो गर्म है हीं, वहीं जोड़-घटाओ लगाने वाले राजनीतिक पंडित भी पशोपेश में हैं। हालांकि राजनीति का यह ऊंट किस करवट बैठेगा, यह तो तीन दिसम्बर को ही पता चलेगा, लेकिन इतना तय है कि 80 प्रतिशत से ऊपर हुए मतदान से कईयों के समीकरण बनने बिगड़ने लगे हैं। अपने-अपने दावे व प्रति दावों के बीच दोनों ही राजनीतिक दल भारी मतदान को अपने पक्ष में बता रहे हैं। जहां प्रमुख भाजपा पार्टी सरकार की योजनाओं व विकास कार्यों से जोड़ कर देख रही हैं, तो कांग्रेस इसे बदलाव का संकेत मान रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button