विकास के नाम पर अंधाधुंध कटाई: कारगिल चौक के पास काटे हरे-भरे पेड़ …
शिवसेना जिला अध्यक्ष ने पर्यावरण मंत्री से सीधा जवाब मांगा|

बैतूल। प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। मंचों से एक पेड़ मां के नाम का नारा गूंज रहा है। लेकिन जमीनी तस्वीर कुछ और कहानी कह रही है। बैतूल में विकास के नाम पर जिस तरह हरे-भरे पेड़ों पर आरी चलाई जा रही है, उसने सत्ता पक्ष की मंशा और कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच शिवसेना जिला अध्यक्ष विजेंद्र गोले ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सत्ता पक्ष और प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि विकास के नाम पर अंधाधुंध कटाई स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या कालेज चौक के मुद्दे से ध्यान हटाने के लिए कारगिल चौक के पास पेड़ काटे गए।

कारगिल चौक के पास दुर्गादास राठौड़ की प्रतिमा के बाजू में खड़े हरे-भरे पेड़ों को काट दिया गया। विजेंद्र गोले ने मध्य प्रदेश के पर्यावरण मंत्री दिलीप अहिरवार से सीधा जवाब मांगा है। उन्होंने कहा यदि सरकार पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर है तो बैतूल में हो रही कटाई पर स्पष्ट रुख क्यों नहीं दिख रहा।
शिवसेना जिला अध्यक्ष विजेंद्र गोले ने कहा कि आज बैतूल शहर की हालत ऐसी हो गई है मानो पूरा शहर भगवान भरोसे चल रहा हो। जो जिला कभी अपनी शांति, प्राकृतिक सौंदर्य और सतपुड़ा की घने जंगलों की वादियों के लिए पहचाना जाता था, वही अब लगातार पेड़ों की कटाई और अव्यवस्थित विकास की मार झेल रहा है। उन्होंने कहा कि जिस धरती की पहचान हरियाली और स्वच्छ वातावरण से थी, वहां यदि इसी तरह अंधाधुंध कटाई और लापरवाही जारी रही तो वह दिन दूर नहीं जब यह जिला वनों और पौधों से बेरंग और बंजर नजर आएगा। विजेंद्र गोले ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी, क्योंकि हम उनकी हरियाली और स्वच्छ सांसें आज ही छीन रहे हैं।




