3 करोड़ के कचरा निष्पादन मामले में कांग्रेस पार्षद ने कार्रवाई को बताया पक्षपातपूर्ण।

बैतूल। जाकिर हुसैन वार्ड की कांग्रेस पार्षद नंदिनी तिवारी ने गौठाना ट्रेचिंग ग्राउंड की लीगेसी वेस्ट सफाई परियोजना में हुई गड़बड़ी को लेकर मुख्य नगर पालिका अधिकारी और उपयंत्री के निलंबन पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि लगभग तीन करोड़ रुपये की परियोजना में केवल दो अधिकारियों पर कार्रवाई करना वास्तविक जिम्मेदारों को बचाने और पूरे मामले को दबाने का प्रयास प्रतीत होता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी वित्तीय परियोजना में निर्णय और भुगतान किसी एक या दो अधिकारियों के स्तर पर संभव नहीं होते। नगर निकायों के नियमों के अनुसार मुख्य नगर पालिका अधिकारी पांच लाख रुपये से अधिक के भुगतान पर हस्ताक्षर नहीं कर सकता, ऐसे में तीन करोड़ रुपये के कार्य में हुए भुगतानों की स्वीकृति किन स्तरों से मिली, यह बड़ा प्रश्न है।
नंदिनी तिवारी ने कहा कि दो अधिकारियों को निलंबित कर पूरी व्यवस्था को निर्दोष बताने की कोशिश की जा रही है, जबकि सच्चाई यह है कि इतनी बड़ी योजना में कई स्तरों की भूमिका होती है।
पार्षद ने मांग की कि तीन करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति, भुगतान और निगरानी से जुड़े सभी स्तरों की भूमिका सार्वजनिक की जाए ताकि वास्तविक जवाबदेही तय हो सके।
गौरतलब है कि लीगेसी वेस्ट डंप साइट की सफाई परियोजना में गड़बड़ी सामने आने के बाद नगर पालिका परिषद बैतूल के मुख्य नगर पालिका अधिकारी सतीश मटसेनिया और उपयंत्री जतिन पाल को निलंबित कर दिया गया। कलेक्टर द्वारा गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में पाया कि कार्य तय मापदंडों के अनुरूप नहीं हुआ और इसके बावजूद ठेकेदार को भुगतान किया गया।
– जांच में सामने आई अनियमितता
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि परियोजना का क्रियान्वयन निर्धारित शर्तों और तकनीकी मानकों के अनुसार नहीं किया गया था। कचरे के वैज्ञानिक निष्पादन की प्रक्रिया अधूरी रही और इससे आर्थिक अनियमितताओं के साथ पर्यावरणीय जोखिम भी उत्पन्न हुए। स्थानीय स्तर पर दुर्गंध, जल प्रदूषण और वायु प्रदूषण की शिकायतें लगातार मिल रही थीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त ने दोनों अधिकारियों के निलंबन के आदेश जारी किए।




