NSUI protest: रिजल्ट में गड़बड़ी पर एनएसयूआई का विरोध, कुलपति के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
28 अंक प्राप्त करने के बावजूद छात्रों को मिली एटीकेटी

बीएड चौथे सेमेस्टर के परिणाम पर एनएसयूआई ने उठाए सवाल, पुनः मूल्यांकन की मांग
बैतूल। एनएसयूआई ने बीएड चौथे सेमेस्टर के पर्यावरण विषय के परिणाम में सुधार की मांग को लेकर कलेक्टर के माध्यम से कुलपति छिंदवाड़ा के नाम ज्ञापन सौंपा। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष जैद खान के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में बीएड छात्र-छात्राओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर इस मुद्दे को उठाया। जैद खान ने बताया कि बीएड चौथे सेमेस्टर के पेपर में पर्यावरण विषय के लिए 75 अंकों का प्रश्नपत्र आया था, जिसमें से पास होने के लिए छात्रों को 28 अंक प्राप्त करना आवश्यक था।
— 28 अंक प्राप्त करने पर भी विद्यार्थियों को दी गई एटीकेटी–
जैद खान ने बताया कि जिले के सभी कॉलेजों में विद्यार्थियों ने 28 अंक प्राप्त किए, फिर भी उनके परिणाम में एटीकेटी लगाई गई और उन्हें पुनः पेपर देने के लिए बाध्य किया गया। यह गलत है क्योंकि नियम के अनुसार 75 अंकों में से 28 अंक प्राप्त करने पर विद्यार्थी को पास माना जाना चाहिए। एनएसयूआई ने इस गड़बड़ी को लेकर विरोध जताया और विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए परिणाम में संशोधन की मांग की।
विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: एनएसयूआई
एनएसयूआई के प्रमुख सदस्य नितिन विश्वास, निलेश धुर्वे, कुणाल पिपरदे, शेख अकिब, पंकज नागवंशी, विकास महतो, फैजल खान, विकास पाटिल, रमन कुमरे, संजय कोलकर, नितिन जोंजारे, शाहिद खान, जतिन पिपरदे, राहुल मालवीय, विकास मेहरा, खेमराज मिश्रा, अंकित पटेल, प्रियंका अहाके, भारती पवार, संजय चौहान, विश्राम जावरकर, कमलेश काकोड़िया, शिवम मालवीय और संजूलाल ने भी इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे इस खिलवाड़ को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एनएसयूआई ने दी चेतावनी, परिणाम नहीं सुधरने पर होगा आंदोलन
एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि यदि विद्यार्थियों के पर्यावरण शिक्षण के परिणाम में संशोधन नहीं किया गया और सही तरीके से पुनः परिणाम घोषित नहीं हुआ, तो संगठन आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को जल्द से जल्द इस मुद्दे का समाधान करना चाहिए।
इस ज्ञापन सौंपने के दौरान एनएसयूआई के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में बीएड छात्र-छात्राएं भी मौजूद थीं। सभी ने एक स्वर में प्रशासन से मांग की कि बीएड चौथे सेमेस्टर के परिणाम में गड़बड़ी को तुरंत सुधारा जाए, ताकि विद्यार्थियों को पुनः परीक्षा देने की कठिनाई से छुटकारा मिले और उनका भविष्य सुरक्षित रह सके।





