
बैतूल। मध्य प्रदेश शासन के राजस्व विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के निर्धारित राजस्व लक्ष्य को पूरा करने में जनता की मार्च मानसिकता रोड़ा बन गई है। नजूल टैक्स, डायवर्सन टैक्स, अर्थ दंड, प्रीमियम, उपकर सहित अन्य भू-सम्बंधित करों में अभी तक निर्धारित राजस्व का बड़ा हिस्सा जमा नहीं हुआ है। जनता के इस रवैये से राजस्व विभाग के अधिकारी भी चिंतित हैं और प्रतिदिन टैक्स वसूली अभियान चला रहे हैं, लेकिन वांछित परिणाम नहीं मिल रहे हैं।
मध्य प्रदेश शासन के खाते में भूमि शुल्क जमा करवाने के लिए राजस्व विभाग हरसंभव प्रयास कर रहा है। प्रदेश के सभी जिलों को सत प्रतिशत वसूली के लिए साप्ताहिक रूप से भोपाल से प्रमुख राजस्व आयुक्त, आयुक्त भू अभिलेख, प्रमुख सचिव राजस्व विभाग द्वारा निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके अलावा, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलों को निर्देशित किया जा रहा है कि वसूली में तेजी लाएं। बैतूल जिले में कलेक्टर के निर्देश अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारियों के साथ बैठकें की जा रही हैं।
वसूली में हो रही देरी के लिए मार्च मानसिकता जिम्मेदार
वित्तीय वर्ष के प्रारंभिक महीनों में जनता टैक्स भुगतान के लिए आगे नहीं आ रही है और मार्च के अंतिम महीनों में ही इसे करने की मानसिकता बनी हुई है। इससे विभाग के अधिकारी परेशान हैं और यदि समय पर भुगतान नहीं हुआ तो विलंब से भुगतान करने पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज पहले 12 महीनों के लिए और इसके बाद 15 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज दर से देय होगा। माना जा रहा है कि अगर बिजली कंपनी की तरह यूपीआई से भुगतान की सुविधा दी जाती है तो इससे वसूली में सुधार हो सकता है।
जनता से समय पर टैक्स जमा करने की अपील
प्रदेश की वित्तीय स्थिति और लक्ष्यों की पूर्ति के लिए प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे अपने हल्का पटवारी, राजस्व निरीक्षक, नजूल, डायवर्सन या तहसील ऑफिस से संपर्क कर टैक्स जमा करें। प्रत्येक वार्ड और हल्के में संबंधित अधिकारी संपर्क में हैं और जनता को टैक्स वसूली में सहयोग करने की अपील की गई है। सभी नागरिकों से अपेक्षा की गई है कि वे सरकारी लक्ष्यों की प्राप्ति में सहयोग करें।
अधिकारियों की सख्ती के बावजूद जनता की धीमी प्रतिक्रिया
इस बीच, राजस्व निरीक्षक और पटवारियों द्वारा प्रतिदिन जनता से संपर्क किया जा रहा है, लेकिन लोग आश्वासन देते हैं कि वे आज या कल भर देंगे, लेकिन व्यावहारिक रूप से वह भुगतान नहीं करते। प्रशासन ने एक बार फिर जनता को सतर्क करते हुए कहा है कि देर होने पर अतिरिक्त ब्याज के साथ-साथ अन्य वित्तीय दंड का सामना करना पड़ सकता है।
अतिरिक्त राजस्व वसूली हेतु नियमित समीक्षा
राजस्व वसूली की धीमी प्रगति को देखते हुए, आयुक्त नर्मदापुरम संभाग और बैतूल कलेक्टर ने प्रतिदिन राजस्व अधिकारियों से वसूली की जानकारी लेने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, हर सप्ताह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस प्रगति की समीक्षा की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि शत प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारियों से सहयोग लिया जा रहा है और जरूरतमंद करदाताओं को भी सहयोग देने के निर्देश दिए गए हैं।
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