Students of 1973 batch gathered at Excellence School: 50 साल बाद स्वर्ण जयंती समारोह में ताजा हुई स्कूल की पुरानी यादें

एक्सीलेंस स्कूल में जुटे 1973 बैच के छात्र, याद किए बचपन के सुनहरे पल

बैतूल। शासकीय बहुद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (वर्तमान एक्सीलेंस स्कूल बैतूल) में 16 दिसंबर को 1973 में उत्तीर्ण छात्रों ने स्वर्ण जयंती समारोह उत्साह के साथ मनाया। 50 साल पुरानी यादों को ताजा करते हुए इस आयोजन में गुरु-शिष्य की परंपरा को सजीव किया गया।समारोह में 1973 बैच के छात्रों ने अपने पूर्व गुरुजनों का सम्मान किया। सम्मानित किए गए गुरुजनों में एसी वर्मा, जेएल तिवारी, और प्रताप गौर शामिल थे। वर्तमान प्रिंसिपल सत्येंद्र उदयपुरे और स्कूल प्रभारी एस शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर छात्रों ने अपने गुरुजनों को शाल, श्रीफल और मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया। छात्रों में केशव कुलकर्णी, रविंद्र हंस, पृथ्वी ठाकुर, दत्तात्रेय कपले, दिनेश तिवारी, राजेश मेहता, नरेंद्र गोठी, राजेश अवस्थी, राजेश वर्मा, पंकज शाह, रेवती रमण कालभोर, एआर अतुलकर, और एमएस ठाकुर शामिल थे।

1973 बैच के छात्र और भामा रिसर्च सेंटर से वरिष्ठ वैज्ञानिक पद से सेवानिवृत्त रविंद्र हंस भी इस कार्यक्रम में अपनी पत्नी के साथ शामिल हुए थे। इस अवसर पर उन्होंने अपने गुरुजनों का सम्मान किया। रविंद्र हंस को पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के साथ काम करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। उन्होंने कई शोध परियोजनाओं में डॉ. कलाम के निर्देशन में काम किया और उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए डॉ. कलाम ने उन्हें प्रशंसा पत्र से सम्मानित भी किया था। इस गौरवशाली उपलब्धि को साझा करते हुए रविंद्र हंस ने इसे अपने जीवन का सबसे प्रेरणादायक अनुभव बताया। समारोह में उनके मित्रों और पूर्व शिक्षकों ने उनकी इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया।

— पुराने दिनों की यादें हुईं ताजा–

समारोह के दौरान स्कूल की पुरानी यादों को साझा करते हुए सभी ने अपनी बचपन की शरारतों, पढ़ाई और स्कूल के अनमोल पलों को याद किया। 1973 बैच के छात्रों ने बताया कि यह स्कूल उनके जीवन की नींव है, जहां से उन्हें जीवन का सही मार्गदर्शन मिला। गुरुजनों ने छात्रों के प्रयासों की सराहना की। एसी वर्मा और जेएल तिवारी ने कहा कि इतने वर्षों बाद भी छात्रों का यह स्नेह और सम्मान उन्हें गर्व महसूस कराता है। इस स्वर्ण जयंती समारोह ने गुरु-शिष्य की परंपरा और पुराने मित्रों के पुनर्मिलन को जीवंत किया। समारोह के समापन पर सभी ने स्कूल प्रांगण में फोटो खिंचवाए।

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