Spark Of Education : गोंडी और कोरकू भाषा में जगाई जा रही शिक्षा की अलख
14 गांव में घर-घर पीले चावल देकर नवप्रवेशित बच्चों को किया आमंत्रित

Education News Betul : बैतूल। आदिवासी क्षेत्रों में मातृभाषा से बहुभाषा आधारित शिक्षा पर कार्य किया जा रहा है। भीमपुर ब्लॉक के तीन संकुल भीमपुर, चिल्लौर और नांदा के 14 गांव में एनईजी फायर संस्था द्वारा गोंडी और कोरकू भाषा में बच्चों को शिक्षा प्रदान की जा रही है। बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए विद्यालय में एनईजी फायर संस्था के द्वारा शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
सोमवार को संस्था द्वारा घर-घर जाकर नवप्रवेशित बच्चों के घर पीले चावल देकर आमंत्रित किया गया। प्रवेश उत्सव का आयोजन ग्राम बेला और मोहदा नहरपुर में किया गया जिसमें बच्चों को घरों से तिलक लगाकर सांस्कृतिक रीति रिवाज से घर से विद्यालय के लिए विदा किया गया। विद्यालय में बच्चों को प्रवेश द्वार पर फीता काटकर प्रवेश कराया गया। स्कूल में संचालित गतिविधियां बच्चों को गुलदस्ते देकर और माला व टोपी पहनाकर स्वागत किया गया। बच्चों को स्कूल के अंदर बने कला केंद्र का भ्रमण कराया गया। बच्चे स्थानीय परिवेश तथा संस्कृति से जुड़ी किताबों एवं स्थानीय टीएलएम को देखकर खुश हुए। बच्चों को कलाकेंद्र में चित्रकला एवं भाषण सांस्कृतिक नृत्य, का आयोजन कराया गया एवं रचनात्मक गतिविधियां की गई। हाथ के छापे आदि गतिविधियां का आयोजन किया गया। बच्चों ने अपनी समझ के अनुसार चित्र का उल्लेख किया।
नवप्रवेशी बच्चों के अभिभावकों का कहना है कि संस्था के द्वारा इस तरह के कार्यक्रम से बच्चों का जुड़ाव स्कूल तक बन रहा है। संस्था के प्रयास से बच्चों में अच्छा सकारात्मक प्रभाव देखा गया है। बच्चों के सीखने के स्तर में विकास हुआ है। कार्यक्रम को सफल बनाने में ब्लॉक ट्रेनर हरीश साहू, प्राथमिक शाला नहरपूर की शिक्षिका संगीता आहके, जोशना कुमरे, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सावित्री तंडेलकर, सरस्वती पांसे, शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष भोलाराम पांसे, जयवंती, पंचायत पंच पार्वती उइके और समुदाय से बच्चों के अभिभावक रामजी उइके, अमरलाल, परसराम, उर्मिला एवं कविता उइके उपस्थित रहे। प्रवेश उत्सव को सफल बनाने में लर्निंग फेसिलेटर दीपिका सराठे, कावेरी सिमैया, विजेश इरपाचे, हरगोविंद पालवी उपस्थित रहे।




