Organization of legal training: वन अपराध प्रकरणों के अन्वेषण के लिए हुआ विधिक प्रशिक्षण का आयोजन

वन अधिकारियों और कर्मचारियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण


बैतूल। वन विद्यालय सभागृह में वन अपराध प्रकरणों के अन्वेषण और परिवाद प्रस्तुतिकरण में आने वाली कठिनाइयों के समाधान हेतु एक दिवसीय विधिक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। डीएफओ विजयानन्तम टी.आर. के मार्गदर्शन में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में माननीय न्यायालय बैतूल के जिला लोक अभियोजन अधिकारी सत्यप्रकाश वर्मा, सहायक लोक अभियोजन अधिकारी ओमप्रकाश सूर्यवंशी, अमित राय, और अजीत सिंह ने भाग लिया। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को न्यायालय में वन अपराध प्रकरणों में दस्तावेजों का विधि सम्मत संधारण करने और वन अपराध घटित होने पर अपराधियों के विरुद्ध की जाने वाली कार्यवाही के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।
डीएफओ विजयानन्तम टी.आर. ने बताया इस प्रशिक्षण का उद्देश्य वन अधिकारियों और कर्मचारियों को वन अपराध प्रकरणों के दस्तावेजों का विधि सम्मत संधारण करने और अपराध घटित होने पर अपराधियों के विरुद्ध उचित कार्यवाही करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करना था। माननीय न्यायालय बैतूल के जिला लोक अभियोजन अधिकारी सत्यप्रकाश वर्मा, सहायक लोक अभियोजन अधिकारी ओमप्रकाश सूर्यवंशी, अमित राय, और अजीत सिंह ने इस प्रशिक्षण सत्र का नेतृत्व किया। प्रशिक्षण में सुश्री निधि चौहान प्रशिक्षु भा.व.से., नीरज निश्चल प्रशिक्षु भा.व.से., उपवनमंडलाधिकारी मुलताई संजय साल्वे, परिक्षेत्र अधिकारी आठनेर, परिक्षेत्र अधिकारी सावलमेढा, परिक्षेत्र अधिकारी ताप्ती और अन्य क्षेत्रीय कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को वन अपराध प्रकरणों में दस्तावेजों का विधि सम्मत संधारण और अपराध घटित होने पर उचित कार्यवाही करने के लिए प्रशिक्षण दिया गया।
— यह है प्रशिक्षण की मुख्य बातें–
प्रशिक्षण के दौरान, माननीय जिला लोक अभियोजन अधिकारी सत्यप्रकाश वर्मा ने वन अपराध प्रकरणों में दस्तावेजों के संधारण के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा, वन अपराध प्रकरणों में सटीक और पूर्ण दस्तावेजों का संधारण अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह न्यायिक प्रक्रिया को सुगम बनाता है, अपराधियों को सजा दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सहायक लोक अभियोजन अधिकारी ओमप्रकाश सूर्यवंशी, अमित राय, और अजीत सिंह ने विभिन्न मामलों के अध्ययन और अनुभवों के आधार पर वन अधिकारियों को उपयोगी सुझाव और मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार से दस्तावेजों को तैयार करना चाहिए और अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही को मजबूत बनाने के लिए किन बिंदुओं का ध्यान रखना आवश्यक है।
— प्रशिक्षण से वन विभाग की कार्यक्षमता में होगा सुधार–
डीएफओ विजयानन्तम टी.आर. ने कहा इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने वन अधिकारियों और कर्मचारियों को वन अपराध प्रकरणों के अन्वेषण और परिवाद प्रस्तुतिकरण में आने वाली कठिनाइयों को समझने और उनके समाधान के लिए आवश्यक विधिक ज्ञान प्रदान किया। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से वन विभाग की कार्यक्षमता में सुधार होगा और वन अपराधों पर कड़ी नजर रखी जा सकेगी। विभाग की टीम को सशक्त और सुसज्जित करना हमारी प्राथमिकता है। इस प्रशिक्षण से हमारी टीम को वन अपराधों के प्रति और अधिक सतर्क और सक्षम बनाया जाएगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button