चिचोली नगर परिषद में करोड़ों के फर्जीवाड़े का आरोप।

जैम पोर्टल खरीदी और हाईमास्ट लाइट में नियम उल्लंघन उजागर। दो फर्मों को बार-बार टेंडर देने और ई-टेंडरिंग में गड़बड़ी की आशंका, गुणवत्ता जांच की मांग।

बैतूल। चिचोली नगर परिषद में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर वार्ड क्रमांक 15 की पार्षद नेहा आर्य ने जनसुनवाई में कलेक्टर बैतूल को ज्ञापन सौंपकर मुख्य नगरपालिका अधिकारी और अध्यक्ष के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि नगर परिषद चिचोली के मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा पिछले 4-5 वर्षों से लगातार वित्तीय और प्रशासनिक स्तर पर नियम विरुद्ध कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें अध्यक्ष की मिलीभगत भी बताई गई है।

पार्षद नेहा आर्य ने आरोप लगाया कि कई बार शासन-प्रशासन को अवगत कराने और विभागीय जांच में गड़बड़ियां सामने आने के बावजूद संबंधित अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे संगठित लूट की आशंका मजबूत होती है।

ज्ञापन में वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक जैम पोर्टल के माध्यम से की गई खरीदी पर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि सामग्री बाजार दर से अधिक कीमत पर खरीदी गई और टेंडर में चयनित कंपनी की जगह डमी सामग्री की आपूर्ति कर करोड़ों का फर्जीवाड़ा किया गया। सभी खरीदी गई सामग्री के भौतिक सत्यापन की मांग की गई है।

– लेखा एवं वित्त नियम का किया उल्लंघन

एलईडी हाईमास्ट लाइट की खरीदी को टुकड़ों में कर मध्य प्रदेश नगरपालिका लेखा एवं वित्त नियम 2018 के नियम 120 का उल्लंघन बताया गया है। विभागीय जांच में सीएमओ को दोषी ठहराए जाने के बावजूद अब तक कार्रवाई न होने पर भी सवाल उठाए गए हैं।

कोंढर घाट स्थित मोक्षधाम पर 100 आरसीसी कुर्सियों की खरीदी 4 लाख 99 हजार 900 रुपए में दिखाकर प्रति कुर्सी लगभग 4990 रुपए भुगतान किया गया, जबकि मौके पर केवल 15 से 20 कुर्सियां ही पाई गईं। शेष कुर्सियों का भुगतान फर्जी तरीके से किए जाने का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।

– अधिकांश कार्य बताए अधूरे

वार्ड क्रमांक 9 के तालाब में एम्यूप्रेसेर युक्त पेविंग ब्लॉक, फाउंटेन, लाइटिंग, वाटर स्पोर्ट्स, साइन चैंबर, सौंदर्यीकरण, बच्चों के झूले, वृक्षारोपण, वेलकम गेट और बाउंड्रीवाल जैसे कार्यों के लिए राशि आहरित करने के बावजूद अधिकांश कार्य अधूरे बताए गए हैं।

ज्ञापन में यह भी आरोप है कि नगर परिषद में लगातार दादाजी कंस्ट्रक्शन चिचोली और जय जुगनिया ड्रिलिंग कंपनी खेड़ी सावलीगढ़ को ही कार्य दिए जा रहे हैं, वह भी निर्धारित लागत से अधिक दरों पर। अन्य नगर निकायों में कम दरों पर टेंडर मिलने के बावजूद यहां अधिक दरों पर कार्य दिए जाने से ई-टेंडरिंग प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका जताई गई है।

– साप्ताहिक और दैनिक बाजार में बिना रसीद की जा रही वसूली

ज्ञापन में आगे आरोप लगाया गया कि वार्ड क्रमांक 6 बारंगवाड़ी मोक्षधाम पर 28 लाख रुपए की लागत से नदी किनारे बनाए गए कार्टन वॉल का निर्माण अत्यंत घटिया गुणवत्ता का है, जो तेज बारिश में बहने की स्थिति में है। साप्ताहिक और दैनिक बाजार वसूली में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा करते हुए बिना रसीद वसूली की जा रही है, जहां साप्ताहिक बाजार की वास्तविक आय 25 से 30 हजार रुपए होने के बावजूद केवल 6 हजार रुपए दर्शाई जा रही है, जबकि दैनिक वसूली 3 से 4 हजार रुपए बताई गई है। जेसीबी और अन्य मशीनों से कराए गए कार्यों में 5-7 घंटे के काम का बिल 70-80 घंटे दिखाकर फर्जी भुगतान का आरोप है। फर्जी मस्टरोल बनाकर ऐसे कर्मचारियों को भुगतान किया जा रहा है जो परिषद में कार्यरत ही नहीं हैं।

– लागत से अधिक दरों पर काम देकर तकनीकी नियमों का किया उल्लंघन

वार्ड 7-4, 8 सहित विभिन्न सड़कों के निर्माण में जय जुगनिया ड्रिलिंग कंपनी और दादाजी कंस्ट्रक्शन चिचोली को लागत से अधिक दरों पर काम देकर तकनीकी नियमों का उल्लंघन किया गया। वार्ड 9 तालाब किनारे हाईमास्ट पोल की खरीदी बाजार दर से अधिक कीमत पर कर वित्तीय गड़बड़ी की गई। वार्ड क्रमांक 6 मण्डई घाट पर 10 लाख 80 हजार रुपए की लागत से स्वीकृत निर्माण कार्य 7-8 वर्षों बाद भी अधूरा है और राशि व ठेकेदार का कोई स्पष्ट विवरण नहीं है। वहीं वर्ष 2022 में वार्ड 1 और 15 में 48 लाख रुपए की आरसीसी नाली निर्माण स्वीकृति के बावजूद कार्य नहीं कर राशि से सामग्री खरीदी गई, जो नियम विरुद्ध है। इन सभी मामलों में उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच और संबंधितों पर कार्रवाई की मांग की गई है।

पार्षद नेहा आर्य ने कलेक्टर से सभी बिंदुओं पर निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच कराते हुए भ्रष्टाचार में लिप्त सीएमओ को तत्काल हटाने और उनके कार्यकाल की वित्तीय व प्रशासनिक जांच कराने की मांग की है।

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