संत रविदास की वाणी जीवन को सही दिशा देने वाली: जितेंद्र गोले
टिकारी के गुरु घर में श्रद्धा से मनाई गुरु पूर्णिमा, शबद कीर्तन में मन चंगा तो कठौती में गंगा का दिया संदेश

बैतूल। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर टिकारी स्थित गुरु घर में अखिल भारतीय रविदासिया धर्म संगठन भारत, मध्य प्रदेश एवं श्री संत रविदास वेलफेयर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में श्रद्धा और भक्ति के साथ गुरु पूर्णिमा पर्व मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित शबद कीर्तन में बड़ी संख्या में गुरुप्रेमियों ने भाग लेकर संत रविदास की वाणी का श्रवण किया और आध्यात्मिक वातावरण में गुरु महिमा का गुणगान किया।
कार्यक्रम के दौरान संत शिरोमणि रविदास की अमर वाणी मन चंगा तो कठौती में गंगा का संदेश श्रद्धालुओं तक पहुंचाया गया। कीर्तन में बताया कि संत रविदास ने मानवता, समानता, प्रेम और सदाचार का मार्ग दिखाया। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को सत्य, सेवा और भाईचारे की राह पर चलने की प्रेरणा देती हैं।
शब्द कीर्तन के दौरान श्रद्धालु गुरु भक्ति में भावविभोर रहे। कार्यक्रम में उपस्थित गुरुप्रेमियों ने सामूहिक रूप से अरदास कर समाज में आपसी सौहार्द, शांति और सद्भाव बनाए रखने की कामना की। आयोजन के अंत में प्रसादी का वितरण किया गया।
कार्यक्रम में जितेंद्र गोले, जसवंत मंद्रे, राजकुमार मंद्रे, योगेश इंगले, सुनील मंद्रे, विजेंद्र गोले, मोहित मंद्रे, आदित्य मंद्रे, गोलू अडलक, गोलू छिपने, बब्बा मंद्रे, शेखर मंद्रे तथा कुसुम मंद्रे सहित बड़ी संख्या में गुरुप्रेमी उपस्थित रहे।
जितेंद्र गोले ने कहा कि गुरु पूर्णिमा गुरु द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का दिन है। संत शिरोमणि रविदास जी ने समाज को समानता, भाईचारे, मानवता और सदाचार का संदेश दिया। उनकी वाणी मन चंगा तो कठौती में गंगा हमें यह सीख देती है कि यदि मन निर्मल और विचार अच्छे हों तो हर स्थान पवित्र बन जाता है।
उन्होंने कहा कि आज समाज को संत रविदास जी के विचारों को अपने जीवन में अपनाने की जरूरत है। हमें आपसी भेदभाव भूलकर एकजुटता और भाईचारे के साथ आगे बढ़ना चाहिए। युवा पीढ़ी को भी संत रविदास जी के जीवन और उनकी शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर शिक्षा, सेवा और सामाजिक उत्थान के कार्यों में आगे आना चाहिए।




