State President warned: प्राण प्रतिष्ठा नहीं की गई, तो इस बार भी मां ताप्ती के प्रकोप से होगी तबाही
मां सूर्यपुत्री ताप्ती जागृति समिति मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष ने दी चेतावनी

आरोप: विभिन्न विभागों द्वारा करोड़ों लीटर पानी का उपयोग कर किया जा रहा धनोपार्जन, लेकिन नदी के सम्मान में कोई प्रतिमा या पूजा की व्यवस्था नहीं।
बैतूल। मां सूर्यपुत्री ताप्ती जागृति समिति मध्यप्रदेश ने बैतूल जिले में बहने वाली ताप्ती नदी के जलाशयों और बैराजों पर जलदेवी मां ताप्ती की प्रतिमा स्थापित करने की मांग की है। समिति के प्रदेश अध्यक्ष एवं मां ताप्ती के अनन्य भक्त रामकिशोर पवार ने इस संदर्भ में कलेक्टर नरेन्द्र सूर्यवंशी को ज्ञापन सौंपा है। पवार का कहना है कि ताप्ती नदी के जल का उपयोग करने वाले विभिन्न विभागों द्वारा करोड़ों लीटर पानी का उपयोग कर धनोपार्जन किया जा रहा है, लेकिन नदी के सम्मान में कोई प्रतिमा या पूजा की व्यवस्था नहीं की गई है।
पवार ने बताया कि ताप्ती नदी सूर्यदेव और माता छाया की पुत्री हैं और शनिदेव, यमराज, तथा देवी भ्रदा की सगी बहन हैं। ताप्ती बैराज और पाइपलाइनों में बार-बार आने वाली समस्याओं को उन्होंने देवी के अपमान से जोड़ते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मां ताप्ती की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा और नियमित पूजा अर्चना नहीं की गई, तो इस बार भी ताप्ती के प्रकोप से होने वाली तबाही से कोई नहीं बच सकता।
— ताप्ती नदी की पवित्रता और सम्मान की रक्षा–
मां सूर्यपुत्री ताप्ती जागृति समिति के अनुसार, बैतूल जिले के विभिन्न जलाशयों और बैराजों पर प्रतिमा स्थापित कर प्राण प्रतिष्ठा करना आवश्यक है। पवार ने नगर पालिका बैतूल को भी चेतावनी दी है कि जल देवी मां ताप्ती का सम्मान सुनिश्चित किया जाए ताकि ताप्ती नदी के प्रकोप से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि ताप्ती नदी बैतूल जिले की तीन विधानसभा क्षेत्रों – बैतूल, मुलताई, और भैंसदेही से होकर बहती है, और इसकी पवित्रता और सम्मान की रक्षा करना सभी का दायित्व है।
— प्रशासन से किया अनुरोध–
समिति ने जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि 13 जुलाई 2024, जो ताप्ती जन्मोत्सव का दिन है, से पहले चंदोरा जलाशय, पारसडोह जलाशय, पारसडोह बैराज, घोघरी जलाशय, मेंदा जलाशय, और ताप्ती बैराज पर जल की देवी मां ताप्ती की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की जाए और प्रतिदिन सुबह-शाम आरती और धुप दीप की व्यवस्था की जाए।
समिति का कहना है कि ताप्ती महोत्सव, नर्मदा महोत्सव, और क्षिप्रा महोत्सव जैसे धार्मिक आयोजन सरकारी स्तर पर होते हैं, इसलिए ताप्ती नदी के जलाशयों पर भी मां ताप्ती की पूजा अर्चना की व्यवस्था होनी चाहिए। बार-बार बैराज के टूटने और पाइपलाइनों के फटने से किसानों को फसल का नुकसान और लोगों को पीने के पानी की समस्या से जूझना पड़ता है। ऐसे में मां ताप्ती की प्रतिमा स्थापित कर हम इन समस्याओं से बच सकते हैं।
जनहित में की अपील
समिति ने जनहित के मामलों में लापरवाही न बरतने की अपील की है और कहा है कि ताप्ती नदी के जलाशयों और बैराजों पर मां ताप्ती की प्रतिमा स्थापित करने से जलाशयों और बैराजों को किसी भी प्रकार की क्षति से बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हम कोई भी ऐसा कार्य नहीं चाहते जिससे जन भावनाओं को ठेस पहुंचे और ताप्ती नदी के जलाशयों और बैराजों को नुकसान हो।
— अनेकों अभियानों के मुख्य सूत्रधार बने रामकिशोर पवार–
मां सूर्यपुत्री ताप्ती जागृति समिति मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष रामकिशोर पवार, न केवल मां ताप्ती के अनन्य भक्त हैं, बल्कि एक वरिष्ठ पत्रकार भी हैं। उनके समर्पण ने उन्हें मां ताप्ती के सम्मान और पवित्रता की रक्षा के लिए चलाए गए अनेकों अभियानों का मुख्य सूत्रधार बनाया है। रामकिशोर पवार का धार्मिक दृष्टिकोण और तथ्य हमेशा सटीक रहे हैं, जिससे उन्होंने मां ताप्ती की महिमा को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पवार के प्रयासों के कारण मां ताप्ती की पूजा और प्रतिष्ठा को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है, जिससे धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को सही दिशा मिली है। श्री पवार की निष्ठा और समर्पण ने उन्हें मां ताप्ती के प्रचार-प्रसार का ध्वजवाहक बना दिया है, जो हर संभव प्रयास कर रहे हैं ताकि ताप्ती नदी की पवित्रता और सम्मान सुरक्षित रह सके।



