prevention of gender based violence: हम होंगे कामयाब अभियान से गांव-गांव तक पहुंचेगी जागरूकता की अलख
जेंडर आधारित हिंसा की रोकथाम के लिए चलाया जागरूकता अभियान

बैतूल। ढोडरामोबाड़ में महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा को लेकर एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए ‘हम होंगे कामयाब’ जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की नवांकुर संस्था प्रत्याशा एवं जिला पुलिस प्रशासन (महिला बाल विकास), जिला बैतूल द्वारा संयुक्त रूप से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। सुरक्षित नारी, सशक्त समाज पखवाड़े के अंतर्गत 25 नवंबर से 10 दिसंबर 2024 तक चलने वाले इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को घरेलू हिंसा, बाल विवाह और अन्य प्रकार के अत्याचारों से बचाना है।
घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने की अपील
थाना प्रभारी साईंखेड़ा थाना के राजन उईके ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यदि घरेलू हिंसा का सामना करना पड़े तो चुप न रहें, बल्कि पुलिस की मदद लें। उन्होंने हेल्पलाइन नंबर भी साझा किया और आश्वासन दिया कि पुलिस हर समय उनकी सहायता के लिए तत्पर है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि महिलाएं थाने नहीं आ सकतीं तो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को भी सूचना दे सकती हैं।
शिक्षा और रोजगार पर दिया जोर
प्रत्याशा संस्था की अध्यक्ष तूलिका पचौरी ने कहा कि बालिकाओं को शिक्षित करना अत्यंत आवश्यक है। महिलाओं को चाहिए कि वे अपनी बच्चियों की सुरक्षा के साथ उनकी शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दें। निमिषा शुक्ला ने बाल विवाह के दुष्परिणामों पर चर्चा करते हुए कहा कि कम उम्र में विवाह से बालिकाओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। प्रमिला धोत्रे ने महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया और पलायन करने वालों की जानकारी सरपंच को देने की सलाह दी।
धर्मांतरण के खिलाफ उठाई आवाज
सोनम मिश्रा ने ग्रामवासियों से धर्मांतरण न करने की अपील की और कहा कि यदि कोई जबरन धर्मांतरण कराने की कोशिश करे तो उसकी शिकायत जरूर करें। रामगोपाल सोनी ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की सलाह दी ताकि वे अपनी सुरक्षा स्वयं कर सकें।
साड़ी, गर्म कपड़े और खिलौनों का वितरण
मीना बोरबन, साक्षी शर्मा, हेमा सिंह और चौहान द्वारा कार्यक्रम में साड़ियां, गर्म कपड़े और खिलौनों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहने वालों में फतेसिंग कवडे, मनोहरी इवने, रामरतन सिरसाम, विजय उरमाड़े, उमन कुमरे, गणेश सिरसाम, रघुनाथ साहू, लता चढ़ोकार, उर्मिला सिरसाम, प्रियंका चोरसे, रुक्मिणी झरबड़े और श्रीराम सिरसाम शामिल थे।
महिलाओं ने पहचानी अपनी ताकत
कृष्णा अमरुते ने महिलाओं से संवाद करते हुए उन्हें अपनी ताकत पहचानने और घरेलू हिंसा का शिकार न बनने की सलाह दी। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों में प्रज्वल धोत्रे, सपना दवंडे, आशीष पचौरी, नागोराव सिरसाम और अंसुइया अमरुते शामिल थे। सभी ने महिलाओं को आत्मनिर्भर और जागरूक बनने की प्रेरणा दी। इस कार्यक्रम ने महिलाओं को सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक किया उन्हें एक सशक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का भी आह्वान किया।





