राजनीति: बैतूल में परिवर्तन के बहाने तो नही लिया जा रहा जिला पंचायत का बदला
हेमंत खंडेलवाल के विरोधियों का एकजुट होकर परिवर्तन की मांग से मची खलबली

Betul News: बैतूल। विधानसभा चुनाव आते ही राजनीति प्रतिद्वंदियों में शह और मात देने का क्रम शुरू हो गया है। इसमें एक अदद कंधे की तलाश कर दूसरे की लाइन छोटी करने वाले सक्रिय होकर अपनी भड़ास मिटाने लगे हैं। बैतूल विधानसभा सीट पर भाजपा का प्रत्याशी अब तक घोषित नही किया गया है लेकिन जिनकी सबसे मजबूत दावेदारी है उनको निपटाने के लिए तमाम जतन किए जाने लगे हैं।
बैतूल विधानसभा में परिवर्तन का नारा बुलंद कर कुंबी समाज को मोहरा बनाया जा रहा है। समाज के अध्यक्ष को टिकट देने की मांग करते हुए भोपाल में भीड़ जुटाकर यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि बैतूल विधानसभा में बहुसंख्यक कुंबी समाज भाजपा के साथ है लेकिन इसके लिए कुंबी समाज के दिनेश मस्की को उम्मीदवार बनाया जाए।

अब सवाल यह है कि क्या कुंबी समाज का बड़ा वर्ग भाजपा का समर्थन करता है या फिर कुंबी समाज के कंधे का उपयोग कर जिला पंचायत की कुर्सी ना मिलने का बदला लिया जा रहा है। इस सवाल का जवाब बैतूल विधानसभा का आम मतदाता ही नही बल्कि कुंबी समाज के लोग भी तलाश रहे हैं। समाज को राजनीति के लिए मोहरा बनाए जाने का विरोध भी समाज के लोग इंटरनेट मीडिया पर जता रहे हैं।

समाज के लोगों का कहना है कि टिकट मांगने वाले दिनेश मस्की को समाज के अध्यक्ष का पद छोड़ना चाहिए, उसके बाद किसी भी राजनीतिक दल का समर्थन करना चाहिए। समाज के अध्यक्ष रहते हुए किसी एक दल का समर्थन करते हुए दामन थाम लेने से गलत संदेश जा रहा है। समाज को सभी का समर्थन और सहयोग मिलता है। खैर यह समाज के लोगों के द्वारा तय किया जाने वाला मामला है लेकिन इस नए घटनाक्रम ने जिला पंचायत चुनाव की याद दिला दी और लोगों को यह चिंतन करने के लिए मजबूर करना पड़ गया कि कहीं परिवर्तन की जरूरत से ज्यादा बदला लेने की नीयत तो नही है।
अपनों के विरोध का सामना कर रहे हेमंत खंडेलवाल

बैतूल विधानसभा सीट से भाजपा की टिकट के प्रबल दावेदार पूर्व सांसद और विधायक हेमंत खंडेलवाल को जिस तरह पिछले चुनाव में अपनों से अविश्वास के कारण पराजय का सामना करना पड़ा था ठीक वही परिस्थिति इस बार भी सामने आ रही है।
भाजपा में उनके घुर विरोधियों के साथ ऐसे लोग भी शामिल हैं जो जन्मदिन पर माला और गुलदस्ता लेकर अग्रिम पंक्ति में खड़े नजर आ रहे थे। परदे के पीछे से वो भी परिवर्तन का ढोल पीटने वालों को ” ताकत ” देने का काम कर रहे हैं। बैतूल विधानसभा में तेजी से बदल रही राजनीतिक गतिविधियों में किसे बदले का फल मिलेगा और कौन खामियाजा भुगतेगा यह चंद रोज में सबको नजर आ जाएगा।




