Police accused of negligence: शासकीय कर्मचारी से मारपीट मामले में कुनबी समाज उग्र, पुलिस पर लापरवाही का आरोप
शासकीय कार्य में बाधा, जानलेवा हमला लेकिन मामूली धाराओं में मामला दर्ज, पूरे जिले में उग्र आंदोलन की दी चेतावनी, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

बैतूल। नगर परिषद आठनेर के कैशियर पद पर कार्यरत दुर्गादास लोखंडे के साथ बीते 5 सितंबर को नगर परिषद कार्यालय में हुई बेरहमी से मारपीट को लेकर पूरे कुनबी समाज में जबरदस्त आक्रोश है। कुनबी समाज ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि यह मारपीट नगर के दबंग राजेन्द्र कालभोर, पप्पू नलगे, श्याम लगरो, अंकित जितप्रे और अन्य ने की। घटना के दौरान नगर परिषद कार्यालय के सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए थे, जिससे साफ है कि यह हमला एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया।
कुनबी समाज का आरोप है कि इस घटना में नगर परिषद अध्यक्ष सुषमा मनोज जगताप, उपाध्यक्ष और अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में दुर्गादास लोखंडे पर हमला हुआ, लेकिन अब तक दोषियों पर कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की गई। समाज ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। कुनबी समाज के मुताबिक, दुर्गादास लोखंडे के साथ हुई मारपीट में शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने का भी मामला है। घटना के बाद पुलिस ने मामूली धाराओं के तहत मामला दर्ज किया, जबकि समाज का कहना है कि इस तरह के गंभीर अपराध में गैर-जमानती धाराओं का इस्तेमाल होना चाहिए था। समाज का आरोप है कि राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस ने धारा 296, 115(2), 351(2), 3(5) के तहत मामूली धाराओं में ही मामला दर्ज किया है।
सीसीटीवी कैमरों को साजिश के तहत किया बंद
कुनबी समाज ने इस पूरे घटनाक्रम को एक बड़ी साजिश करार दिया है। घटना के दौरान नगर परिषद कार्यालय के सीसीटीवी कैमरों को बंद कर दिया गया था, ताकि मारपीट की फुटेज न मिल सके। घटना से पहले नगर परिषद अध्यक्ष सुषमा मनोज जगताप ने अपने कक्ष में दुर्गादास लोखंडे और अन्य लोगों को समझौते के लिए बुलाया था, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने ही उनके साथ मारपीट कर दी।
इस घटना के विरोध में कुनबी समाज ने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर आठनेर में आक्रोश रैली निकाली। समाज के लोगों ने नगर में जुलूस निकालकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और मांग की कि इस घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।
सीएमओ की चुप्पी पर भी सवाल
इस घटना पर नगर परिषद के मुख्य नगरपालिका अधिकारी की चुप्पी ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सीएमओ का कहना है कि उन्हें इस घटना की जानकारी चार दिनों तक नहीं दी गई। यह बात तब सामने आई जब एक कर्मचारी ने उन्हें घटना के बारे में जानकारी दी। बावजूद इसके, सीएमओ ने घटना के बाद कोई ठोस कदम नहीं उठाए और ना ही वरिष्ठ अधिकारियों को इस मामले की सूचना दी।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
कुनबी समाज ने चेतावनी दी है कि अगर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही नहीं की गई, तो समाज पूरे जिले में उग्र आंदोलन करेगा। समाज का कहना है कि इस घटना से पूरे कुनबी समाज में रोष है, और यदि जल्द ही उचित कार्रवाई नहीं की गई तो इसका जिम्मेदार प्रशासन होगा।




