त्र्यंबकेश्वर की मेहंदी से महका शिव विवाह महोत्सव, आज होगा संगीत का महाउत्सव
बाहर से आ रहे कलाकारो के लिए कमानीगेट पर रहेगी भोजन व्यवस्था

बैतूल। थाना महाकाल चौक स्थित शिवालय में चल रहे शिव विवाह महोत्सव के अंतर्गत त्र्यंबकेश्वर की मेहंदी रस्म विधि-विधान के साथ संपन्न हो गई। मेहंदी कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय सहभागिता रही और मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। अब महोत्सव की अगली कड़ी के रूप में आज 14 फरवरी को रामेश्वरम् के नाम से भव्य संगीतमय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें भक्ति गीतों और जागरण के माध्यम से भोलेनाथ का गुणगान होगा।
समिति के हिमांशु दुबे ने बताया कि रामेश्वरम् संगीत के अंतर्गत स्थानीय एवं आमंत्रित कलाकारों द्वारा शिव भक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियां दी जाएंगी। आयोजन स्थल पर विशेष साज-सज्जा, प्रकाश व्यवस्था और ध्वनि संयोजन की तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। उन्होंने नगरवासियों से सपरिवार उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाने का आह्वान किया।
समिति के शान्तनु बाजपेयी ने बताया कि शिव विवाह महोत्सव के अंतर्गत सोमनाथ की सगाई, ओंकारेश्वर का टीका, केदारनाथ की खनमिट्टी, भीमाशंकर का मंडप, काशी विश्वनाथ की हल्दी तथा त्र्यंबकेश्वर की मेहंदी जैसी सभी परंपरागत रस्में श्रद्धा संपन्न हो चुकी हैं। अब रामेश्वरम् का संगीत इस महोत्सव की अंतिम सांस्कृतिक कड़ी के रूप में आयोजित हो रहा है, जिसके बाद 15 फरवरी को शिव बारात नगर भ्रमण पर निकलेगी।
समिति के अनुसार महाकाल मंदिर में विराजित शिवलिंग का प्रतिदिन आकर्षक श्रृंगार मूर्ति कलाकार सुनील प्रजापति द्वारा किया जा रहा है। सुसज्जित शिवलिंग के दर्शन के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। रामेश्वरम् संगीत की संध्या पर भी विशेष श्रृंगार किया जाएगा।
– शिवम सेवा समिति करेंगी भंडारे की व्यवस्था
15 फरवरी को आयोजित शिव बारात एवं रामेश्वरम के संगीत देवी जागरण के आयोजन में शामिल होने वाली बाहरी टीमों के स्वागत-सत्कार की भी विशेष व्यवस्था की गई है। शिवम् सेवा समिति के रक्कू शर्मा और बिल्लू शर्मा ने बताया कि बाहर से आने वाले सभी दलों, कलाकारों और झांकी टीमों के सदस्यों के लिए कमानीगेट स्थित भंडारे में भोजन की समुचित व्यवस्था रहेगी। समिति द्वारा सेवा भाव से प्रेरित सेवकों की अलग टीम तैनात की गई है, जो समयानुसार भोजन वितरण और आवश्यक व्यवस्थाओं का संचालन करेगी। उन्होंने बताया कि शिव बारात में विभिन्न शहरों से कलाकार और सांस्कृतिक दल शामिल हो रहे हैं, इसलिए उनके भोजन को लेकर विशेष ध्यान रखा जा रहा है। समिति का उद्देश्य है कि सभी अतिथि दल सम्मान और संतोष के साथ आयोजन का हिस्सा बनें।




